
मो. इलियास/उदयपुर . बहुचर्चित सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर प्रकरण में शुक्रवार को तत्कालीन सूरजपोल थानाधिकारी एवं वर्तमान उपाधीक्षक कपासन हिम्मतसिंह पक्षद्रोही हो गए। मुंबई में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में उन्होंने बयान दिया कि सीबीआई ने गिरफ्तारी की धमकी देकर दबाव में बयान करवाए थे। साथ ही तुलसी ? को अहमदाबाद पेशी पर ले जाने वाले कांस्टेबल कांतिलाल भी पक्षद्रोही हो गया।
उपाधीक्षक हिम्मतसिंह ने कहा कि सीबीआई ने उन्हें बुलाते हुए गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए कहा कि जैसा बोल रहे हैं, वैसा ही कोर्ट में बयान देना है। वारंट बनाकर वे कोर्ट में ले गए और डर के मारे उन्होंने जो कहा, वह बयान दिया।
मोबाइल को रखा था इंटरसेप्शन पर
डिप्टी ने बयानों में बताया कि वर्ष 2006 में अब्दुल रहमान ने कुछ मोबाइल फोन यह कहकर इंटरसेप्सन में रखवाए कि सेन्ट्रल जेल में कुछ कैदी आपराधिक वारदात की योजना बना रहे हैं। इनमें तुलसी को पुलिस हिरासत से भगाने की योजना है। रहमान ने एक सेल फोन का नम्बर मेरे मोबाइल पर डायवर्ड करवाकर इंटरसेप्शन पर रखवाया था। मेरे फोन पर किसी अपराधिक की योजना की कोई जानकारी नहीं आई। कुछ समय पहले आर.के.पटेल नामक पुलिस अधिकारी का गुजरात से फोन आया कि राजस्थान के किन-किन अधिकारियों के सीबीआई या कोर्ट में बयान हुए हैं। मैंने उनको कोई जानकारी नहीं होना बताया। रहमान ने भी बताया कि कोई बयान सीबीआई को मत देना एवं जो कोई भी इस केस में गवाह बनेगा, उसे बुरा नतीजा भुगतना पड़ेगा।
डिप्टी के पूर्व में हुए थे 164 के बयान
हिम्मतसिंह ने पूर्व में सीबीआई को बयानों में बताया कि केन्द्रीय कारागृह सूरजपोल थाना क्षेत्र में स्थित है। इससे समय-समय पर कई पुलिस अधिकारी विभिन्न कारणों से जेल अधिकारियों से मिलने एवं अन्य अपराधियों की जानकारी के लिए उनसे सम्पर्क करते थे। मैं जेल अधिकारियों से निवेदन कर उनकी भेंट करवाता था। सीआई अब्दुल रहमान ने भी एक बार तुलसी से जेल में मुलाकात करने गए थे। बाद में रहमान ने बताया कि तुलसी पुलिस अधिकारियों से काफी नाराज है एवं जेल में अन्य कैदियों के सामने गालीगलौच करता है। तुलसी ने कहा कि सोहराबुद्दीन को मारकर आप लोगों ने ठीक नहीं किया। जिन पुलिस अधिकारियों का हाथ रहा, मैं उनसे बदला लूगां। सीआई रहमान ने शंका जताई कि तुलसी से उनको भी जान का खतरा है।
कांस्टेबल भी मुकरा
कोर्ट में शुक्रवार को कांस्टेबल कांतिलाल के भी बयान हुए। कांतिलाल से तुलसी को अहमदाबाद पेशी पर ले जाने वाली गार्ड में शामिल था। उसका कहना था कि उसके साथ 10-15 और गार्ड शामिल थे, जिनके नाम वह नहीं जानता है। वह तुलसी को पेशी लेकर गया और वापस केन्द्रीय कारागृह में लाकर जमा करवा दिया।
Published on:
12 May 2018 01:45 pm
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