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नृत्य नाटिका Òतुम्होर सिवा और कोई नहीं हैÓ ने मोहा मन

प्रसिद्ध समाज सुधारक बसवण्णा के 44 वचनों पर आधारित नृत्य नाटिका का मंचन

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उदयपुर. भारतीय लोक कला मण्डल में नृत्य नाटक Òतुम्होर सिवा और कोई नहीं हैÓ का मंचन हुआ। मण्डल निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि कर्नाटक से आई 25 महिला रंगकर्मियों ने नृत्य नाटिका का भावपूर्ण मंचन किया। रंगकर्मियों ने जातिगत भेदभाव ऊंच-नीच और सामाजिक हिंसा पर तीखा कटाक्ष किया।मुक्ताकाशी रंगमंच पर कार्यक्रम में शिव कुमार कला संघ कर्नाटक की महिला रंगकर्मियों ने शानदार प्रस्तुति दी।

नाट्य दल ने कर्नाटक के प्रसिद्ध समाज सुधारक बसवण्णा के 44 वचनों पर आधारित नृत्य नाटिका का मंचन किया। अंत में अतिथियों ने कलाकारों का सम्मानित किया। स्वतंत्रता दिवस सप्ताह के तहत 9 से 16 अगस्त के मध्य मध्य ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ट्राइफेड) द्वारा आदि बाजार का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें दूसरे दिन शहर के लोगों की काफी भीड़ रही। गौरतलब है कि लोक कला मंडल में स्वाधीनता दिवस के अवसर पर प्रतिदिन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है.