
...तो मरीजों को कैसे राहत देगा उदयपुर का सुपर स्पेशलिटी सेंटर
भुवनेश पण्ड्या/उदयपुर . महाराणा भूपाल स्टेडियम में बन रहे सुपर स्पेशलिटी सेन्टर को संभाग के छह जिलों के लिए वरदान बताया जा रहा है। यह सेंटर अगले माह शुरू होना है। पर्याप्त स्टाफ के अभाव में इस सेंटर में मरीजों को माकूल उपचार मिलेगा या नहीं, यह कहना थोड़ा मुश्किल है। निजी चिकित्सालयों में लाखों रुपए खर्च करने पर मिलने वाला उपचार इस सेन्टर में नि:शुल्क उपलब्ध होगा। ऐसे में इसमें मरीजों की संख्या बढेग़ी, लेकिन इसके मुकाबले विभिन्न विभागों में चिकित्सकों की संख्या नाकाफी है, अधिकतर में एक से दो ही विशेषज्ञ हैं। सेंटर पर जिन-जिन बीमारियों का उपचार होगा, इसकी पूरी टीम वर्तमान में आरएनटी मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध नहीं है। महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में प्रवेश द्वार के सामने ही यह भवन बनकर तैयार हो गया है।
इन जिलों को लाभ
उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही, प्रतापगढ़, पाली, चित्तौडगढ़़, जालौर जिले के मरीजों को सेंटर का सीधा लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों के लोग भी यहां पहुंचते हैं। जिन विभागों में चिकित्सक कम हैं, उन्हें सरकार से डिमांड कर रखी है। जैसे ही सभी विभागों में तीन-तीन चिकित्सक उपलब्ध हो जाएंगे तो यहां पीजी की पढ़ाई भी करवाई जा सकेगी।
इनका कहना
भवन बनकर लगभग तैयार हो चुका है। अगले माह इस सेन्टर को शुरू किया जाना है। तैयारियां अंतिम चरणों में हैं। — डॉ ललितकुमार रेगर, अतिरिक्त प्राचार्य आरएनटी उदयपुर
दस मशीन पहुंची
सेन्टर में लगने वाले दस मशीन पहुंच चुके हैं, जिनमें से कुछ तो आरएनटी के स्टोर में तो कुछ नए भवन में ही रखवाया गया है। वर्तमान में आरएनटी के हर विभाग में केवल एक-एक विशेषज्ञ चिकित्सक कार्यरत है, जबकि प्रत्येक विभाग में कम से कम तीन-तीन चिकित्सकों की टीम होना जरूरी है।
अभी यह है चिकित्सकों की स्थिति
यूरोलॉजी में डॉ सुनील गोखरू
न्यूरोलॉजी में डॉ तरुण रहलोत
एंडोक्राइनोलॉजी में डॉ संदीप कंसारा
गेस्ट्रोएन्ट्रालॉजी में डॉ विपिन माथुर
नेफ्रोलॉजी में डॉ मुकेश बडजात्या
रेडियोथैरेपी में डॉ नरेन्द्र राठौड व डॉ सुरेश ।
ऐसे रहेगा भवन का स्वरूप
बेसमेंट- 40 कार और 40 दुपहिया वाहन
ग्राउण्ड फ्लोर- ओपीडी, लैब
प्रथम फ्लोर- ओपीड़ी लैब
दूसरा फ्लोर- जीआई मेडिसिन, जीआई सर्जरी, यूरोलॉजी, रेडियोथैरेपी
तीसरा फ्लोर- न्यूरोमेडिसिन, न्यूरो सर्जरी, एन्डोक्राइनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी
चौथा फ्लोर- आईसीयू, सर्जीकल मेडिकल
पांचवां फ्लोर- माड्यूलर ओटी- छह ।
(हर वार्ड में औसतन 22 शय्या)
Published on:
11 Nov 2018 04:17 pm
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