
मुकेश हिंगड़/उदयपुर. स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 को लेकर उदयपुर शहर में कवायद शुरू कर दी है। लोकसभा चुनाव के बीच नगर निगम ने इस सर्वेक्षण की शुरुआती कर दी है। सबसे पहले ओडीएफ घोषित उदयपुर में खुले में शौच करने वालों को चेतावनी देते हुए जुर्माना वसूलने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि मंत्रालय ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 को लेकर कोई मापदंड तय नहीं किए हैं लेकिन नगर निगम ने इस बार कमजोर हुए प्रदर्शन को देखते हुए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। महापौर चन्द्रसिंह कोठारी स्वास्थ्य शाखा के कर्मचारियों की साप्ताहिक बैठकें ले रहे हैं। निगम ने शुरुआत ओडीएफ के परिणाम को लेकर की है। निगम ने शहरवासियों को चेतावनी देते हुए कहा कि निगम के 55 ही वार्ड ओडीएफ घोषित है और अगर कोई व्यक्ति या समूह खुले में शौच करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 259 व 267 के तहत 1000 से 5000 रुपए का जुर्माना वसूल किया जाएगा।
यहां पिछड़ा था उदयपुर
सर्विस लेवल प्रोग्रेस में उदयपुर बहुत पीछे रहा, जिसमें 1250 में से 390 का स्कोर ही मिला। इसमें दस्तावेजों को अपलोड करना था, काम की स्थिति की रिपोर्ट सहित करीब 33 प्रकार की जानकारियां इसमें ऑनलाइन एमआईएस पोटर्ल पर अपलोड करनी थी। दूसरा सर्टिफिकेशन का कार्य ले डूबा इसमें उदयपुर का स्कोर 1250 में से 150 रहा। इसमें कचरा मुक्त शहर व वार्डों को लेकर नंबर गेम था।
शहरवासियों से आग्रह करते हुए बता रहे हैं कि शहर ओडीएफ घोषित है ऐसे में खुले में शौच नहीं करें और ऐसा कोई करेगा तो उससे जुर्माना वसूला जाएगा। - नरेन्द्र श्रीमाली, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
शुरुआत इन सबसे
खुले में शौच करने वालों पर जुर्माना व कार्रवाई
नदी-जलाशयों व सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना
कचरा जलाने वालों पर कार्रवाई
कचरा जलाने या नालियों में कचरा डालने वाले सफाईकर्मियों पर कार्रवाई
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी किया जाएगा।
सर्वेक्षण में उदयपुर के परिणाम
2019 में 137 वें स्थान पर
2018 में 85 वें स्थान पर
2017 में 310वें स्थान पर
2015 में 417वें स्थान पर
2010 में 262वें स्थान पर
Published on:
05 Apr 2019 05:52 pm
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