
धूप सेंकने आते हैं अध्यापक व विद्यार्थी
फलासिया . राज्य सरकार जनजाति बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने व उनके स्कूल में ठहराव के लिए नित नए जतन कर रही है, वहीं कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी के कारण उनके विद्यार्थियों की पढ़ाई चौपट हो रही है। पंचायत समिति भवन से सटा राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुछ एेसी ही कहानी बया कर रहा है।
कागजों में विद्यालय में 35 बच्चों का नामांकन दर्शा रखा है परन्तु इसमें औसत उपस्थिति 15 से 20 बच्चों की रहती है। पोषाहार व अध्यापकों के ठहराव करने के लिए कागजों में बच्चों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है।
प्राथमिक विद्यालय, नागमाला नेशनल हाइवे 58ई के किनारे पर बना हुआ है। डेढ़ वर्ष से हाइवे का काम चल रहा है, जिससे सडक़ पूरी तरह खुदी हुई है। यह सडक़ राजस्थान को गुजरात से जोड़ती है जिससे मार्ग से दिनभर में सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। दिन भर धूल के गुबार उठते रहते हैं। इनदिनों सर्दी से बचाव के लिए अध्यापक पांचों कक्षाओं के बच्चों को हाइवे के किनारे ही धूप में बिठाते हैं जिससे वे धूल फांकने को मजबूर हैं।
3 अध्यापक एक साथ पढ़ा रहे पांचों कक्षाओं को
नागमाला विद्यालय में वर्तमान में 3 अध्यापक हैं जिनमें से एक नन्दलाल कटारा इंटर्नशिप कर रहा है। प्रेम दरांगी 3 वर्ष से एवं प्रतीक्षा दवे ढाई वर्ष से विद्यालय में सेवा दे रहे हैं। तीनों अध्यापक पांचों कक्षाओं के मात्र 16 बच्चों की धूप में बिठाकर पढ़ाने के बजाय धूप सेकते नजर आए।
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मामला गंभीर है अगर वहां उपस्थिति ज्यादा दिखा रहे हैं तो इसका पहला जिम्मेदार वहां नियुक्त पीईओ है। मामले की जांच करवाकर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
पूनमचन्द कुम्हार, संदर्भ व्यक्ति फलासिया
Published on:
19 Dec 2019 12:07 am
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