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video: उदयपुर में बनी इस टेराकोटा दीर्घा में झलकेगा मेवाड़ का इतिहास

सहेलियों की बाड़ी में विज्ञान केन्द्र में टेराकोटा कलाकृतियों में मिलेगी मेवाड़ के इतिहास व संस्कृति की झलक

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terracota wall

प्रमोद सोनी/ उदयपुर . शहर के प्रमुख पर्यटक स्थल सहेलियों की बाड़ी में विज्ञान केन्द्र में टेराकोटा कलाकृतियों में मेवाड़ के इतिहास व संस्कृति की झलक नजर मिलेगी। एसआईईआरटी ने विज्ञान केंद्र से अपनी सामग्री हटाकर इसका जीर्णोद्धार शुरू करवाया है। इसमें पेंटिग लगाई जाएगी और पाŸव भाग में टेराकोटा दीर्घा बनाई जा रही हैं। इस दीर्घा में लगी मोलेला आर्ट से पर्यटक मेवाड़ की संस्कृति व इतिहास से रूबरू हो सकेंगे।

निदेशक रूक्मणी रियार ने बताया कि इस दीर्घा में मेवाड़ की मिनिचर पेंटिंग, भीलवाड़ा की पेंटिग व सहेलियों की बाड़ी थीम पर बाग में भ्रमण व रासलीला आदि की पेंटिग बनाकर जल्द ही लगाई जाएंगी। साथ ही शहर के वरिष्ठ चित्रकार सुरेश शर्मा, शैल चोयल, लक्ष्मीलाल शर्मा आदि की पेंटिंग्स भी लगाई जाएंगी। इसके अलावा सहेलियों की बाड़ी के इतिहास पर डॉक्यूमेंट्री बनाई जाएगी जो पर्यटक इस बगीचे के इतिहास के बारे में जानकारी देगी। कला संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. जगदीश कुमावत ने बताया कि अभी 13 कलाकृतियां लगाने का कार्य चल रहा है। कुछ कलाकृतियां लगनी बाकी हैं। ये कलाकृतियां कार्यगोष्ठी में शिक्षकों एवं शिल्पकारों ने बनाई हैं।

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एेसी होगी टेराकोटा दीर्घा

- 4 गुणा 4 फीट आकार की पन्नाधाय के बलिदान पर कलाकृति।
- बप्पा रावल व हारित ऋषि की झांकी
- 3 गुणा 4 फीट की चेतक की स्वामी भक्ति का दृश्य दर्शाया गया जिसमें चेतक घोड़े को महाराणा प्रताप की गोद में दम तोड़ते दिखाया गया है।
- 17 फीट की कलाकृति में भामाशाह की महाराणा प्रताप की सहायता करते हुए दिखाया गया है।
- 38 फीट की कलाकृति में प्रमुख त्योहार गणगौर की सवारी व राजश्री ठाठ बाट के साथ दर्शाया गया।
- 4 गुणा 5 की कलाकृति में ग्रामीण परिवेश को दर्शाया।
- 5 फीट की कलाकृति में कृष्ण भक्ति करते हुए मीरा बाई।
- 6 फीट की कलाकृति में गांवों में निकलने वाली भीलों की बारात।
- 18 फीट की कलाकृति में हल्दी घाटी युद्ध की झलक।
- 24 फीट की कलाकृति में गणगौर के साथ घूमर नृत्य।
- 41 फीट की कलाकृति में शाही बारात जिसमें हाथी घोडे ।
- बाराती व दुल्हन की डोली का दृश्य।
- 40 फीट की कलाकृति में श्रीनाथजी, गाय, ग्वाल बाल की झांकी।
- 13 फीट की कलाकृति में मेवाड़ का प्रमुख लोक नाट्य गवरी का मंचन।

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