
फलासिया. किसान उपज मण्डी समिति उदयपुर की ओर से झाड़ोल में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की व्यवस्था हुई। किसानों को फायदा मिल रहा है। ऐसे में चने को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था हो तो किसानों को फायदा होगा। क्षेत्र में गेहूं के साथ चने की भी बम्पर पैदावार होती है। संभाग में कई जगहों पर गेहूं के साथ चना भी समर्थन मूल्य पर खरीद हो रही है।
तहसील क्षेत्र के किसानों ने इस बार 656 हेक्टेयर पर 525 क्विंटल चने की बुवाई की। इससे करीब 16500 क्विंटल चने की उपज तो ले ली, लेकिन समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पाने के कारण प्रति क्विंटल हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। चने की प्रति क्विंटल बाजार दर को समर्थन मूल्य से घटाया तो करीब पौने दो करोड़ रुपए का फायदा होगा। मांग है कि झाड़ोल में भी गेहूं के साथ चना समर्थन मूल्य पर खरीद व्यवस्था हो। कृषि विभाग ने 225 क्विंटल चना बीज वितरित किया, वहीं किसानों ने 300 क्विंटल चना बीज खरीद बुवाई की। इस बार पैदावार भी अच्छी हुई और औसतन 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर चना उत्पादन हुआ।
हो सकता है मुनाफा
किसानों ने इस वर्ष 656 हेक्टेयर जमीन पर 16400 क्विंटल चने की पैदावार हासिल की। चने की बाजार कीमत 3400 रुपए प्रति क्विंटल होने से कुल 5.57 करोड़ रुपए प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में समर्थन मूल्य 4400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है, ऐेसे में चने को समर्थन मूल्य पर बेचा जाए तो 7.21 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे। ऐसे में किसानों को लगभग पौने दो करोड़ रुपए का फायदा होगा।
वाकई ये गंभीर मामला है। समर्थन मूल्य पर बेचने की स्थिति में यदि किसानों को पौने दो करोड़ रुपए का फायदा मिल रहा है तो व्यवस्था को झाड़ोल में प्रारंभ करवाने के लिए कलक्टर से मिल व्यवस्था का प्रयास करेंंगे।
नीलमराज पुरोहित, देहात जिला महामंत्री, भाजपा किसान मोर्चा
Published on:
11 Apr 2018 04:45 pm

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