7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

सालों से घर जाने का कर रहे थे इंतजार, समायोजन हुआ लेकिन गृह जिले से अब भी दूर

TSP To Non TSP Area Teacher's Transfer तृतीय श्रेणी शिक्षकों का टीएसपी से नॉन टीएसपी में समायोजन का मामला, 300 शिक्षक समायोजन से हुए वंचित

3 min read
Google source verification
teacher

केस 1 : प्रमोद चौधरी व उनकी पत्नी का पदस्थापन ब्लॉक कुराबड़ में है। वे अपने गृह जिले झुंझुनूं में समायोजन चाहते थे लेकिन उनका समायोजन उदयपुर जिले में कर दिया गया। जिससे वे निराश हैं।

केस 2: तिलोकाराम मुंडेल नागौर के मूल निवासी हैं। इनका समायोजन राजसमंद जिले में हुआ है जबकि वे चाहते थे कि इनका समायोजन गृह जिले नागौर में हो या फिर बांसवाड़ा में ही रहने दिया जाए।

केस 3 : अशोक कुमार व प्रतिभा कुमारी पति-पत्नी हैं और अपने गृह जिले भरतपुर में समायोजन चाहते थे, लेकिन उदयपुर जिले के नॉन टीएसपी में हो गया है।

उदयपुर . सरकार की ओर से टीएसपी क्षेत्र से 1903 तृतीय श्रेणी शिक्षकों को नॉन टीएसपी में समायोजित करने की सूची जारी की गई है। जिसमें सैकड़ों शिक्षकों के नाम गायब हैं। वहीं, विकल्प पत्र देने के बावजूद माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में कार्यरत वरिष्ठ अध्यापक, शारीरिक शिक्षक व प्रबोधक के समायोजन उनके गृह जिले में नहीं किए गए हैं। जबकि वे सालों से घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग की ओर से गृह जिलों में जाने के लिए टीएसपी जिलों में तैनात सभी शिक्षकों से विकल्प पत्र मार्च 2021 में भरवाए थे। अब सूची जारी होने पर कइयों को गृह जिला नहीं मिला है तो कुछ के नाम ही सूची से गायब हैं। ऐसे में इन शिक्षकों को निराशा हाथ लगी है।

फिर उदयपुर के स्थानीय युवा कहां जाएंगे...

पूनमाराम (राप्रावि खादरा वागा वेरा, विजयराज (राप्रावि वानिया तालाब), रघुनाथ (राप्रावि मेगलिया मतारा), जालौर जिले के तथा खेताराम राउप्रावि मेर का खेत, भजन लाल (राप्रावि कलजी का गुड़ा) बाड़मेर जिले के निवासी हैं। उनका कहना है कि वे पिछले 10 वर्षों से टीएसपी में नौकरी कर रहे हैं। अब उदयपुर के नॉन टीएसपी एरिया (भींडर, कानोड़, मावली) में उनका समायोजन कर दिया गया है। जबकि वे चाहते हैं कि उन्हें गृह जिले में समायोजित करें, जिससे उदयपुर जिले के नॉन टीएसपी एरिया के स्थानीय युवाओं को नौकरी के लिए अन्य जिलों में पदस्थापित नहीं होना पड़े।

विकल्प पत्र भी नहीं भरा, लेकिन हो गया समायोजन

इधर, राउप्रावि बारेला ब्लॉक साबला, डूंगरपुर की अध्यापिका निधि जैन का नाम टीएसपी से नॉन टीएसपी क्षेत्र में समायोजन के लिए जिला आवंटन सूची में आ गया। जबकि निधि के अनुसार उन्होंने कोई विकल्प पत्र ही नहीं भरा था। वे टीएसपी क्षेत्र की ही मूल निवासी हैं और यहीं रहना चाहती हैं। अब इस संबंध में संयुक्त निदेशक, शिक्षा विभाग, उदयपुर मंडल को उन्होंने पत्र लिखकर नाम हटवाने का आग्रह किया है।

प्रारम्भिक शिक्षा :

1. बांसवाड़ा से कुल 164 समायोजन हुए चित्तौड़गढ़ व राजसमंद जिले में

2 चित्तौड़गढ़ से 09 चित्तौड़गढ़ जिले में

3 डूंगरपुर से 91 चित्तौड़गढ़ व राजसमंद जिले में

4. पाली से 112 पाली जिले में

5. प्रतापगढ़ से 405 चित्तौड़गढ़ व राजसमंद जिले में

6. राजसमंद से 47 राजसमंद जिले में

7. सिरोही से 183 सिरोही जिले में

8 उदयपुर से 749 उदयपुर जिले में- कुल 1760

माध्यमिक शिक्षा में :

1. बांसवाड़ा से 38 राजसमंद व चित्तौड़गढ़ जिले में

2. प्रतापगढ़ से 19 राजसमंद व चित्तौड़गढ़ जिले में

3. डूंगरपुर से 17 चित्तौड़गढ़ व राजसमंद जिले में

4. चित्तौड़गढ़ से 03 चित्तौड़गढ़ जिले में

5. पाली में 20. पाली जिले में

6. सिरोही में 35 सिरोही जिले में

7 उदयपुर से 11 उदयपुर जिले में

विकल्प पत्र के अनुसार अभी समायोजन होना शेष

वरिष्ठ अध्यापक - 456

वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक - 6

तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक - 46

प्रबोधक - 2

इनका कहना है.

मार्च 2021 में शिक्षकों से टीएसपी से नॉन टीएसपी में जाने के लिए तीन जिलों का नाम मांग कर विकल्प पत्र मांगे थे। वर्तमान में 1903 तृतीय श्रेणी शिक्षकों का जो समायोजन आदेश जारी हुआ है, उसमें लगभग 300 उदयपुर संभाग में माध्यमिक शिक्षा में कार्यरत तृतीय श्रेणी शिक्षक शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण समायोजन से वंचित हो गए हैं। ऐसे में उनका नाम समायोजन सूची में जोड़ा जाना चाहिए। वहीं, गृह जिले में समायोजन चाहने वालों को उनके गृह जिले में समायोजित किया जाना चाहिए।

शेरसिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ