
चन्दनसिंह देवड़ा/उदयपुर . टीएसपी क्षेत्र में कार्यरत कार्मिकों को नॉन टीएसपी क्षेत्र में पदस्थापित करना राज्यपाल की अनुशंसा पर ही संभव है लेकिन उदयपुर के शिक्षा अधिकारियों के लिए टीएसपी के नियम-कायदे कोई मायने नहीं रखते हैं। सब कुछ जानते हुए जिले के तीन बड़े अधिकारियों ने एक बाबू पर इतनी मेहरबानी दिखाई कि उसे पहले टीएसपी से नॉन टीएसपी में प्रतिनियुक्ति पर लगाया (TSP fraud) और बाद में बिना पदस्थापन के सीधे पदोन्नति का तोहफा दे दिया।
लकड़वास स्कूल में भंवरलाल मेघवाल यूडीसी पद पर तैनात था। यह स्कूल टीएसपी क्षेत्र का है। पद टूटने पर उसे उप निदेशक कार्यालय प्रारंभिक में प्रतिनियुक्ति पर लगा दिया गया, जो नॉन टीएसपी क्षेत्र है। 22 माह तक कार्यालय में सेवाएं देते हुए वेतन उठाया। पद टूटने पर पदस्थापन किए बगैर पदोन्नति देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय में सहायक पद पर लगा दिया। नियमानुसार प्रतिनियुक्ति के बाद पदस्थापन एवं पदोन्नति टीएसपी क्षेत्र में ही हो सकता था लेकिन यहां इनकी पालना नहीं की गई।
टीएसपी से नॉन टीएसपी में पदोन्नति नहीं दी जा सकती है। उस समय मैं सहायक निदेशक था, लेकिन इस पर ध्यान नहीं गया। - परमेश्वर श्रीमाली, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी स्कूल शिक्षा माध्यमिक
टीएसपी क्षेत्र में कार्यरत बाबू को नॉन टीएसपी में पदोन्नति देने का मामला गंभीर है। किन नियमों के आधार पर यह किया गया, प्रकरण दिखवाता हूं। - भवानीसिंह देथा, संभागीय एवं जनजाति आयुक्त उदयपुर
Published on:
25 Apr 2019 11:48 am
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