
लोकमंगल की रक्षा ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है।
उदयपुर: राजस्थान की लोक-संस्कृति, नारी-सशक्तीकरण और जनभागीदारी के प्रतीक ‘घूमर महोत्सव 2025’ की तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य के सातों संभागीय मुख्यालयों पर 19 नवंबर को आयोजित होने वाले इस महोत्सव में राजस्थान की पारंपरिक नृत्य शैली ‘घूमर’ को नई ऊर्जा और रंगत के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।
महोत्सव की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को पर्यटन विभाग की संयुक्त निदेशक सुमिता सरोच की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में रेखा सोनी, सुषमा कुमावत, विजयलक्ष्मी गलुंडिया, विद्या वर्मा, चंद्रकला चौधरी, महेश अमेटा, रश्मि पगारिया, नवनीत छाबड़ा, शीतल गुप्ता, आचार्य अणिमा गोस्वामी और लव वर्मा सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस मौके पर महोत्सव का पोस्टर विमोचन किया गया और रूपरेखा, प्रशिक्षण सत्रों, पंजीकरण प्रक्रिया व आयोजन स्थल को लेकर चर्चा हुई। सरोच ने बताया कि 12 नवंबर से संभाग में प्रशिक्षण कार्यशालाएं शुरू होंगी, जिनमें 12 वर्ष से अधिक आयु की बालिकाएं, युवतियां, गृहिणियां, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, डांस स्कूल की सदस्य और कॉलेज छात्राएं भाग ले सकेंगी।
उन्होंने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और लोक-संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। विभागीय अधिकारी और सामाजिक संगठन इस आयोजन को सफल बनाने के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं।
Updated on:
09 Nov 2025 02:42 pm
Published on:
09 Nov 2025 02:42 pm
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