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इलाज पर खर्च राशि का बीमा क्लेम खारिज करने पर न्यायालय ने बीमा कंपनी के ख‍िलाफ सुनाया ये फैसला

परिवादी को दिलाई राहत, स्थाई लोक अदालत का निर्णय

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इलाज पर खर्च राशि का बीमा क्लेम खारिज करने पर न्यायालय ने बीमा कंपनी के ख‍िलाफ सुनाया ये फैसला

मो. इल‍ियास/उदयपुर. इलाज पर खर्च राशि का बीमा क्लेम खारिज करने पर न्यायालय ने बीमा कंपनी पर पांच हजार का जुर्माना लगाते हुए उसे समस्त राशि ब्याज सहित देने के आदेश दिए। स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष के.बी.कट्टा, सदस्य सुशील कोठारी व ब्रजेन्द्र सेठ ने यह आदेश सूर्यनगर तितरड़ी निवासी कुलदीप पुत्र दूल्हेसिंह राठौड़ बनाम यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस प्राइवेट लिमिटेड जरिये मंडलीय प्रबंधक शास्त्री सर्कल के खिलाफ वाद में दिया। परिवादी ने बताया कि वह 21 से 23 सितम्बर 2016 तक चिकित्सालय में उपचाररत रहा। चिकित्सा खर्च 13763 रुपए आया। इस राशि पर क्लेम किया तो कंपनी ने खारिज कर दिया। न्यायालय ने विपक्षी कंपनी पर पांच हजार का जुर्माना लगाते हुए आदेश दिया कि वह दो माह में क्लेम राशि के 11110 रुपए 10 प्रतिशत ब्याज सहित परिवादी को दें। इसके अलावा मानसिक, शारीरिक, आर्थिक खर्च व वाद व्यय के 5 हजार रुपए अलग से अदा करें।

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देने पड़ा गाड़ी का भी क्लेम
सूरजपोल निवासी हरीश पुत्र दिनेशचन्द्र शर्मा बनाम यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड जरिए शाखा प्रबंधक डिवीजनल कार्यालय शास्त्री सर्कल के खिलाफ वाद में स्थाई लोक अदालत ने बीमा कंपनी को दोषी माना। न्यायालय ने विपक्षी बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह वाहन की आईडीवी वेल्यू 5.37 लाख पर 25 प्रतिशत नॉन स्टेण्डर्ड बेसिस पर कम करते हुए 75 प्रतिशत राशि 4 लाख 2 हजार 750 रुपए का भुगतान करें। साथ ही शारीरिक, मानसिक व वाद व्यय के 5 हजार रुपए अलग से दें। परिवादी ने वाद में बताया कि उसने अपनी कार का विपक्षी कंपनी के यहां 10 जून, 2016 से एक वर्ष के लिए बीमा करवाया था। बीमा अवधि में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बीमा कंपनी की ओर से भी टोटल लॉस मानकर वाहन स्वयं रखने पर स्क्रेप वेल्यू के 2.60 लाख व शेष राशि 2.57 लाख का भुगतान देना तय हुआ लेकिन बीमा कंपनी ने बीमा पॉलिसी के अधीन नो क्लेम बोनस राशि 1619 रुपए गलत रूप से प्राप्त की गई होना बताकर क्लेम निरस्त कर दिया।