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नौकरी के झांसे में 1.15 करोड़ ठगने का आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार

खुद को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का अधिकारी बताया, दो साल पहले उदयपुर में की थी लाखों रुपए की ठगी

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नौकरी के झांसे में 1.15 करोड़ ठगने का आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार

नौकरी के झांसे में 1.15 करोड़ ठगने का आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार

उदयपुर. अपने आप को मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का अधिकारी बताने वाले शातिर ठग को सूरजपोल थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने तीन साल पहले यहां कुछ लोगों को नौकरी का झांसा देते हुए लाखों रुपए की ठगी की थी। बड़ी बात ये कि आरोपी ने मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के मंत्री के कोटे से नौकरी लगवाने के नाम पर रुपए लिए थे। पुलिस एक आरोपी के माध्यम से अन्य आरोपियों तक पकडऩे में जुटी है।

सूरजपोल थाना पुलिस ने बताया कि दिल्ली निवासी निकेश पोचपते और शत्रुघ्न तिवाड़ी पुत्र व्यास तिवाड़ी को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इनकी ओर से नौकरी दिलाने, गैस एजेंसी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ठगने का आरोप है। 27 मई को सूरजपोल थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ठगी का ये खेल करीब तीन साल पुराना है।
सोडाला जयपुर निवासी बलवेंद्रसिंह रेगर ने निकेश पोचपते, शत्रुघ्र तिवाड़ी, अमन कुमार और पूनम पोचपते के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी निकेश पोचपते ने अपने आप को दिल्ली स्थित मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का अधिकारी बताया था। वहीं मंत्री के कोटे से नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए की ठगी करने का आरोप है। आरोपी ने पीडि़त पक्ष से एक करोड़ 15 लाख से भी अधिक की ठगी की।
'किसी को भी लगवा सकते हैं मंत्री'

रिपोर्ट में बताया था कि पीडि़त पक्ष की आरोपी पक्ष से मुलाकात उदयपुर रेलवे स्टेशन पर हुई थी। जयपुर निवासी बलवेंद्रसिंह ने अपने परिचित फरीदाबाद निवासी अमित शर्मा से गैस एजेंसी लेने संबंधी बात की थी। अमित के साथ आए व्यक्ति शत्रुघ्न तिवाड़ी ने दिल्ली में निकेश पोचपते को रुपए देकर गैस एजेंसी लेने की बात कही। जब बलवेंद्रसिंह दिल्ली गया तो निकेश ने मंत्री कोटे से एफसीआई और वन विभाग में एलडीसी, यूडीसी पदों पर नौकरियां लगाने का ऑफर दिया। शंका होने पर आरोपी ने ये भी कह दिया कि यह लीगल प्रक्रिया है, मंत्री अपने स्तर पर किसी को भी नौकरी लगवा सकते हैं।

जॉइनिंग लेटर भी दे दिया
पीडि़त बलवेंद्रसिंह ने अपने परिचत सत्यम तोमर, तरुण जाट को नौकरी दिलाने दिल्ली ले गया, जहां कथित अधिकारी निकेश ने 18-18 लाख रुपए ले लिए। नौकरी दिलाने के लिए बकायदा जॉइनिंग लेटर भी दिलाया और शुरुआत में ट्रेनिंग दिलाने की बात भी कही। जॉइनिंग के लिए सिलिगुड़ी भी भेजा दिया।