14 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उदयपुर विकास प्राधिकरण बनने में जितनी देरी उतना लेकसिटी को नुकसान

उदयपुर विकास प्राधिकरण 41 दिन बाद भी नहीं ले सका मूर्त रूप

2 min read
Google source verification
उदयपुर विकास प्राधिकरण बनने में जितनी देरी उतना लेकसिटी को नुकसान

उदयपुर विकास प्राधिकरण बनने में जितनी देरी उतना लेकसिटी को नुकसान

मुकेश हिंगड़

नगर विकास प्रन्यास (यूआइटी) को उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) बनाने की विधानसभा में घोषणा हुए 41 दिन हो गए, लेकिन अभी तक प्राधिकरण को मूर्त रूप नहीं दिया गया है। मुख्यमंत्री का इस बात पर जोर है कि बजट घोषणाएं समय पर पूरी हो और रफ्तार से काम हो, लेकिन अभी तक यूडीए बनने की घोषणा पर काम शुरू नहीं हुआ है। लेकसिटी के विकास को लेकर यूआइटी जल्द यूडीए में बदले, ताकि शहर को इससे होने वाले फायदे मिल सके। सरकार के बजट घोषणा के बाद से यूडीए की संरचना को लेकर कोई काम राजधानी जयपुर के यूडीएच विभाग से नहीं हुआ है। इस कार्य में जितनी देरी हो रही है, उतना नुकसान उदयपुर के विकास को लेकर है। जैसे ही प्राधिकरण काम शुरू कर देगा तो उदयपुर के विकास के प्रोजेक्ट को लेकर राज्य सरकार पर हमारी निर्भरता कम हो जाएगी, क्योंकि कई शक्तियां प्राधिकरण को होगी, जो अभी तक यूआइटी को नहीं है।

23 फरवरी को की गई थी घोषणा

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट में 23 फरवरी, 2022 को विधानसभा में यूआइटी उदयपुर को यूडीए में प्रमोट करने की घोषणा की थी।

यूआइटी के प्राधिकरण बनते ही ऐसा होगा स्ट्रक्चर

1. अध्यक्ष
2. आयुक्त
3. सचिव
4. निदेशक इंजीनियरिंग
5. निदेशक वित्त
6. निदेशक विधि
7. निदेशक आयोजना
8. जोन वाइज उपायुक्त
9. नीचे सेक्शन वाइज अधिकारी व इंजीनियर

जोन उपायुक्त व डीटीपी की संख्या बढ़ेगी
सबसे अहम बात यह है कि यूडीए का जो क्षेत्र है, उसे जोन वाइज बांट दिया जाएगा। इसमें जोन उपायुक्त लगेंगे। नगर नियोजन की विंग भी मजबूत होगी। इसमें सबसे ऊपर तो निदेशक होगा फिर डीटीपी, सहायक डीटीपी लगेंगे।

एक करोड़ से ऊपर की फाइलें जयपुर जाती
यूआइटी ट्रस्ट को एक करोड़ रुपए तक की फाइल स्थानीय स्तर पर स्वीकृत करने की शक्तियां है। ऐसे में मुख्यमंत्री की बजट घोषणा हो या ट्रस्ट की घोषणा हो, एक करोड़ रुपए से ऊपर के बजट की फाइल सीधे जयपुर सरकार के पास जाती है। उसकी स्वीकृति में समय लग जाता है। इसके अलावा भी कई शक्तियां यूडीए को मिलेगी।

प्राधिकरण का विस्तार होगा
यूआइटी के यूडीए बनने के साथ ही प्राधिकरण के क्षेत्र का विस्तार होगा, इसमें जो पेराफेरी के 130 गांव है, उनकी सीमा भी बढ़ाई जा सकती है, इसमें अहमदाबाद हाइवे क्षेत्र में आने वाले कुछ और गांवों को जोड़ सकते हैं। इसके अलावा नगर निगम सीमा के क्षेत्रों को लेकर भी चर्चा की जाएगी।

अभी यूआइटी के पेराफेरी में इतने राजस्व गांव
उपखंड कार्यालय... राजस्व गांव
गिर्वा... 61
बडग़ांव... 39
मावली... 23
वल्लभनगर... 07
कुल... 130
(मास्टर प्लान 2031 के अनुसार)


चिट्ठी मिली सरकार की, क्षेत्र चिन्हित करेंगे
राज्य सरकार की यूडीए को लेकर चिट्ठी दो दिन पहले ही मिली है। अब इसमें क्षेत्र चिन्हित किए जाएंगे कि यूडीए में कौन-कौन से क्षेत्र जोड़े जाएंगे। तकनीकी रूप से पूरी चर्चा करने के साथ ही इस पर काम जल्द शुरू करेंगे और सरकार को रिपोर्ट भेज देंगे।
- अरुण कुमार हासिजा, यूआइटी सचिव

जल्द मूर्त रूप ले यूडीए
मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ ही यूडीए को पहली अप्रेल से ही मूर्त रूप दे देना चाहिए था। उदयपुर को यूडीए लागू होते ही फायदा मिलेगा, कई शक्तियां यहीं मिल जाएंगी तो जयपुर जाने वाली फाइलों में लगने वाला समय खत्म होगा। यूडीए जल्द से काम शुरू करें यह शहरी विकास के लिए जरूरी भी है।
- सतीश कुमार श्रीमाली, सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक