
video...गलावण के साथ गवरी का समापन
उदयपुर. आदिवासी भील समाज का पारम्परिक लोक नाट्य गवरी जो ठंडी राखी से शुरू हुआ जो इन दिनों समापन पर है। सवा माह से चल रहे इस गवरी नृत्य का शहर के आसपास कही जगह रविवार को गलावण की रस्म के साथ गवरी नृत्य का समापन के साथ विराम हुआ। कहीं जगह एक दो दिन में समापन होगा। शहर के भुवाणा एवं एकलिंगजी में रविवार को गलावण के तहत गौरज्या माता की सवारी निकाली गई। इससे पूर्व गांव में गवरी नृत्य के हुआ इस दौरान गवार कलाकारों को परिजनों एवं रिश्तेदारों ने पेरावणी की। शहर के समीप कैलाशपुरी में रविवार को मेवाड़ का लोक नृत्य गवरी का समापन किया गया। इस अवसर पर सरिया देवी चौक से गौरज्या माता की शोभायात्रा शुरू हुई जो मुख्य बाजार में होती हुई इंद्र सरोवर पर विसर्जन के साथ समापन हुआ। इधर भुवाणा में भी रविवार को गौरज्या माता की शोभायात्रा निकाली गई जो गांव के अंदर से होते हुए बावडी पर पहुंची जहां ज्वारा विसर्जन के साथ गवरी का समापन हुआ।
Published on:
08 Oct 2023 10:00 pm
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