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video…गडावन वलावन के साथ गवरी का समापन

सवा माह से चल रहे आदिवासी समाज का पारम्परिक लोक नाट्य गवरी का समापन कई जगह बुधवार तो कई गुरूवार को होगा। शहर के कुम्हारों का भट्टा एवं तितरडी गांव की गवरी का समापन बुधवार को हुआ।

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video...गडावन वलावन के साथ गवरी का समापन

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उदयपुर . सवा माह से चल रहे आदिवासी समाज का पारम्परिक लोक नाट्य गवरी का समापन कई जगह बुधवार तो कई गुरूवार को होगा। शहर के कुम्हारों का भट्टा एवं तितरडी गांव की गवरी का समापन बुधवार को हुआ।

कुम्हारों का भट्टा की गवरी का मंचन बुधवार को कुम्हारवाडा में किया गया दोपहर बाद गलावण की रस्म के साथ गवरी नृत्य का समापन हुआ। इसके बाद कुम्हारवाडा से गौरज्या माता की पूजा अर्चना कर शोभायात्रा के रूप में गवरी नृत्य करते हुए एमबी काॅलेज िस्थत मंदिर पर पहुंची जहां रात्रि जागरण हुआ। गुरूवार को गवरी नृत्य के बाद दोपहर को वलावण की रस्म होगी। वही तितरडी में चल रहे गवरी महोत्सव का समापन संपन्न बुधवार को हुआ। तीतरडी उपसरपंच मनोहरसिह सिसोदिया ने बताया की मंगलवार को तितरडी के पीपली चौक ( सुथारवाड़ा) चौराहे से हाथी की सवारी निकाली गईं। गांव के गोरकिया माता मंदिर से रवाना होकर रूण्डेला तालाब पहुंचे जहां पर गवरी का विसर्जन किया गया। कार्यक्रम में तितरडी एवं आसपास के गांवो से हजारों की संख्या में सर्व समाज के प्रबुद्धजन एवं ग्रामवासी उपस्थित रहें।


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