
एक और बच्चे को नहीं दिया प्रवेश पत्र ,10वीं का छात्र परीक्षा देने से हुआ वंचित
उदयपुर. कोटड़ा क्षेत्र के भांडेर राजकीय माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत दसवीं कक्षा के एक छात्र को प्रवेश पत्र नहीं मिलने से व अंग्रेजी का पेपर देने से वंचित रह गया। छात्र व परिजनों के परीक्षा के पहले प्रवेश पत्र मांगने पर विद्यालय के अध्यापकों ने आगे से ही नहीं आने की बात कह कर टरका दिया, जबकि उपस्थिति कम होने की बात से प्रवेश पत्र नहीं दिया गया। गौरतलब है कि ऐसा दूसरा मामला सामने आया है। एक दिन पूर्व ही दादिया गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक छात्रा की उपस्थिति कम होने का हवाला देते हुए उसका दसवीं का प्रवेश पत्र रोक दिया गया था। वो भी परीक्षा देने से वंचित रह गई।
होशियार बच्चे को बताया मेंटल, परिजनों ने किया विरोध : जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के रणेशजी गांव निवासी कालाराम पुत्र रूपाराम गरासिया भांडेर राजकीय माध्यमिक विद्यालय में दसवीं कक्षा का छात्र है। बोर्ड परीक्षा से पहले छात्र स्कूल में प्रवेश पत्र लेने पहुंचा तो अध्यापकों ने उसे आगे से नहीं आने की बात कह कर भेज दिया। परिजनों के जाने पर भी प्रवेश पत्र नहीं दिया, जिससे उसका पहला पेपर छूट गया। रविवार को परिजनों ने गांव के अधिवक्ता सोहनलाल गरासिया को परेशानी बताई तो विद्यालय के अध्यापक ने कम उपस्थिति होने के कारण प्रवेश पत्र देने से इनकार कर दिया। वहीं कार्यवाहक प्रधानाचार्य ने तो छात्र को मेंटल बता दिया। इस पर परिजनों ने विरोध किया।
छात्र की उपस्थिति कम होने से बोर्ड नियम के तहत प्रवेश पत्र नहीं दिया। छात्र कुछ माह पूर्व मेंटल हो
गया था।
- मुकेश कुमार, कार्यवाहक प्रधानाचार्य, राजकीय माध्यमिक विद्यालय भांडेर
जानकारी मिलने पर प्रधानाचार्य से बात की छात्र बीमार था तो मेडिकल लगवा कर उपस्थिति पूरी करनी चाहिए। किसी को प्रवेश पत्र नहीं देकर परीक्षा से रोकना सही नहीं है। प्रवेश पत्र दिलवा दिया जाएगा।
- जीवनलाल खरांडी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कोटड़ा
Published on:
20 Mar 2023 02:21 am
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