18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सुरखंड खेड़ा रेलवे स्टेशन को मिले सलूंबर जिला स्टेशन का दर्जा

सुरखंड खेड़ावासियों ने जनप्रतिनिधियों से किया संपर्क, मिला समर्थन

3 min read
Google source verification
सुरखंड खेड़ा रेलवे स्टेशन को मिले सलूंबर जिला स्टेशन का दर्जा

सुरखंड खेड़ा रेलवे स्टेशन को मिले सलूंबर जिला स्टेशन का दर्जा

गौतम पटेल

सराडा (उदयपुर). वीरांगना सिटी सलूंबर को जिला घोषित करने के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। अब यहां के लोग रेल मार्ग से जुड़ने को आतुर हैं। ऐसे में सुरखंड खेड़ा रेलवे स्टेशन को जिला स्टेशन बनाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। यह पूर्व में उदयपुर से अहमदाबाद के बीच सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित करने वाला स्टेशन था, लेकिन वर्तमान में उदयपुर अहमदाबाद आमान परिवर्तन का कार्य पूर्ण होकर रेलों का आवागमन शुरू हो चुका है। कई स्टेशनों को क्रमोन्नत किया जा चुके है, लेकिन कुछ स्टेशन ऐसे हैं जिनको नजरअंदाज करने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही स्टेशन सुरखंड खेड़ा फ्लैग स्टेशन भी है। जहां वर्तमान में एक भी ट्रेन का ठहराव नहीं होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

ऐसी स्थिति में यह जिला मुख्यालय रेलवे स्टेशन बनने के हर मापदंड को पूरा कर रहा है। चाहे वह आर्थिक हो, भौगोलिक या यातायात आवागमन संबंधी। ऐसे में सुरखंड खेड़ा रेलवे स्टेशन को सलूंबर जिला रेलवे स्टेशन बनाने की मांग उठने लगी है।

राजस्व के मामले में अव्वल रहा

मीटर गेज स्टेशन पर टिकट की बिक्री की जाती थी। जिसमें हजारों रुपयों की आय होती थी। ढाई सौ किमी टिकट देने के लिए अधिकृत यह स्टेशन राजस्व के मामले में सबसे अधिक राजस्व अर्जित करता रहा। यहां विस्तार के लिए करीब 48 हेक्टर जमीन रेलवे ने अधिग्रहण कर रखी है।

चार तहसीलों का केंद्र

सुरखंड खेड़ा रेलवे स्टेशन सराडा, जयसमंद, सेमारी, सलूंबर, आसपुर झलारा सहित कई तहसीलों का केंद्र बिंदु है। जहां आवागमन के मूलभूत साधन सुविधाएं भी उपलब्ध है।

पर्यटक स्थल भी नजदीक

इस स्टेशन से महाराणा प्रताप समाधि स्थल चावंड 10 किमी, वीरांगना हाड़ी रानी महल सलुंबर 16 किमी, जयसमंद झील 15 किलोमीटर, धोलागढ़ धुणी धाम से 20 किमी, भगवान श्री कृष्ण द्वारा रुक्मणी हरण विवाह स्थल रणछोड़ मंदिर 3 किमी, भगवान ऋषभदेव 20 किमी, त्रिमूर्ति अतिशय क्षेत्र शेषपुर 20 किमी, मुलेश्वर महादेव जैन अतिशय क्षेत्र सीपुर, ईडाणा माताजी शक्ति पीठ ,शिवपुरी धाम इटाली, संगमेश्वर महादेव सहित कई ऐतिहासिक एवं पर्यटक स्थल से जुड़ा है।

क्रमोन्नति के लिए हो चुका सर्वे

रेल मंत्रालय की भावी योजना में सुरखंड खेड़ा फ्लैग स्टेशन को बी श्रेणी के स्टेशन में क्रमोन्नत करने की सुविधाओं की अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए सर्वे कराया जा चुका है। यहां अनुकूलता एवं स्थिति को देखते हुए बी श्रेणी स्टेशन के अनुशंसा एवं कार्रवाई की जा चुकी है। लेकिन कतिपय कारणों से उपेक्षित कर इसे फ्लैग स्टेशन बना दिया गया है।

लोगों को मिलेगा रोजगार

यह क्षेत्र आर्थिक दृष्टि से पिछड़ा एवं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र होने से फ्लैग रेलवे स्टेशन को बी श्रेणी के स्टेशन में क्रमोन्नत होने से रोजगार व्यापार के अवसर भी बढे़ंगे।

इनका कहना

सुरखंड का खेड़ा रेलवे स्टेशन को लेकर मैंने लोकसभा में 4 से 5 बार आवाज उठाई है। साथ ही यह स्टेशन सरकार के रिकॉर्ड में भी आ चुका है। रेलवे अधिकारियों को भी इस संबंध में लिखित जानकारी दी है। पूरा प्रयास है कि सुरखंड का खेड़ा सलूंबर जिला मुख्यालय का रेलवे स्टेशन बने।- अर्जुन लाल मीणा सांसद उदयपुर

सलूंबर जिला मुख्यालय रेलवे स्टेशन के लिए सबसे उपयुक्त सुरखंड का खेड़ा रेलवे स्टेशन है। यहां से सलूंबर के साथ-साथ लसाडिया धरियावाद आसपुर के लिए भी सुलभ रहता है। हमारा पूरा प्रयास है कि सलूंबर जिला मुख्यालय का रेलवे स्टेशन सुरखंड का खेड़ा बने।- रघुवीर सिंह मीणा, पूर्व सांसद उदयपुर

यह सलूंबर के लिए सबसे सीधा व सबसे नजदीक स्टेशन है। यहां जिला मुख्यालय का रेलवे स्टेशन बनना चाहिए। इसके लिए मैं पूरा प्रयास कर रहा हूं। कुछ दिन पूर्व दिल्ली भी गया और रेलवे विभाग के अधिकारियों से भी बात कर रहा हूं।

- अमृत लाल मीणा विधायक सलूंबर

सलूंबर जिला मुख्यालय का रेलवे स्टेशन के लिए सर्वश्रेष्ठ सुरखंड खेड़ा स्टेशन ही हो सकता है। रेलवे विभाग के अधिकारियों को सर्वे करवाकर शीघ्र रेलवे स्टेशन को जिला सलूंबर मुख्यालय का स्टेशन बनाना चाहिए। - प्रद्युमन कोडिया, अध्यक्ष नगर पालिका सलूंबर

जिले का स्तर अब बड़ा हो गया है। ऐसे में 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सुरखंड खेड़ा भी सलूंबर का ही अंग है। यदि उसे जिला स्तर का स्टेशन बनाकर सरकार कार्य करे तो नए परिसीमन में पूरे क्षेत्र को लाभान्वित किया जा सकता है।

- धर्मेंद्र शर्मा, सलूंबर विकास मंच संस्थापक व पार्षद

हमारे गांव में रेलवे स्टेशन पूर्व में प्रस्तावित था परंतु राजनीति के कारण से यहां रेलों का ठहराव नहीं हो रहा है। यह आदिवासी क्षेत्र है। हमारी मांग यह है कि सलूंबर जिला मुख्यालय के नाम से सुरखंड का खेड़ा रेलवे स्टेशन बनाकर यहां पर रेलों का ठहराव होना चाहिए। जिससे आम जनता को लाभ होगा।

- मांगीलाल मीणा सरपंच, ग्राम पंचायत सुरखंड का खेड़ा