20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पहाड़ी से गिरा पत्थर, सिर में चोट लगने से चरवाहे की मौत

सेमारी थाना क्षेत्र की भोराई की घटना

2 min read
Google source verification
पहाड़ी से गिरा पत्थर, सिर में चोट लगने से चरवाहे की मौत

पहाड़ी से गिरा पत्थर, सिर में चोट लगने से चरवाहे की मौत

उदयपुर. जिले के सेमारी थाना क्षेत्र के भोराई में बकरियां चराने गए एक चरवाहे की पहाड़ी के ऊपर से गिरे एक बडे़ पत्थर से सिर में चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई।

एएसआई चंदूलाल ने बताया कि आदर्श नगर भोराई निवासी जगदीश (42) पुत्र धुला मीणा अपनी पत्नी शांति के साथ सुबह 10 बजे घर से लगभग एक किलोमीटर दूर बकरियां लेकर पहाड़ियों पर चराने गया था, जहां दोपहर में पहाड़ियों की ढलान में अचानक पहाड़ी के ऊपर से बड़ा पत्थर गिर गया। जगदीश के सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने सेमारी पुलिस थाने को सूचना दी, पुलिस मौके पर पहुंची व घटना की जानकारी लेते हुए मौका कार्रवाई कर शव सेमारी सीएचसी पहुंचाया। पुलिस ने मृतक के पुत्र केशवलाल की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द किया।

.............................................................

शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा

निकटवर्ती वासनीकलां गांव में खेत पर काम कर रहे गुलाब कुमावत पुत्र रामलाल कुमावत की लठ्ठ से वार कर हत्या के मामले में शुक्रवार को सनवाड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। मौके पर कुमावत समाजजनों ने मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर प्रशासन से 3 से 4 बार वार्ता की। इसके बाद मृतक के परिवार को चिरंजीवी योजना का लाभ, कृषि उपज मण्डी समिति में मृतक आश्रित का लाभ, विधवा पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ देने पर सहमति बनी। इस दौरान मावली डिप्टी कैलाश कुंवर राठौड़, मावली तहसीलदार पर्वत सिंह, नायब तहसीलदार सम्पत सिंह भाटी, डबोक थानाधिकारी छैल सिंह, पालिका उपाध्यक्ष नितिन सेठिया सहित फतहनगर, मावली व डबोक थाने का जाप्ता मौजूद रहा। मामले की जांच डबोक थानाधिकारी छैल सिंह कर रहे है। मौके पर कुमावत समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष युधिष्ठिर कुमावत, रामलाल कुमावत, भरत लाल कुमावत, बाबूलाल कुमावत, डालचन्द कुमावत, रूपलाल कुमावत, हीरालाल कुमावत सहित कुमावत समाज के लोग मौजूद थे।