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बालिकाओं का फूटा गुस्सा, स्कूल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी

छात्राएं पहुंची सीबीईओ कार्यालय, मिला आश्वासन

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बालिकाओं का फूटा गुस्सा, स्कूल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी

बालिकाओं का फूटा गुस्सा, स्कूल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी

कानोड़. (उदयपुर).नगर के राजकीय उग्रसेन कुमारी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने शिक्षकों की कमी एवं अव्यवस्थाओं से परेशान होकर मंगलवार को विद्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी। विद्यालय की छात्राएं समय पर विद्यालय पहुंची, तो मात्र 3 शिक्षकों को देख उनका गुस्सा फूट गया। आक्रोशित छात्राओं ने मुख्यद्वार पर तालाबंदी कर सरकार एवं शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही मौके पर ही अधिकारियों को बुलाने की बात पर छात्राएं अड़ गई। विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष दीपक शर्मा, पार्षद राजकुमारी कामरिया सहित अभिभावक भी विद्यालय पहुंचे। जहां मांग को जायज ठहराते हुए छात्राओं के साथ उन्होंने भी प्रदर्शन किया। एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन के बाद मौके पर सीबीईओ महेन्द्र कुमार बड़ाला पहुंचे। जहां उन्होंने समझाइश का प्रयास किया, मगर छात्राएं शिक्षक लगाने एवं अव्यवस्थाओं को सुधारने की मांग पर डटी रही। इस पर अधिकारियों ने विज्ञान विषय के लिए चतुर विद्यालय से शिक्षक लगाने, अन्य विषय के रिक्त पद जल्द भरने का आश्वासन देकर विद्यालय का ताला खुलवाया। इसके बाद विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों व अभिभावकों की बैठक हुई, इसमें समस्या समाधान पर चर्चा करते हुए विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। विद्यालय पर ताला लगाने की सूचना पर स्थानीय थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची।

विद्यालय को 5 में से मिले मात्र 3 शिक्षक

उग्रसेन कुमारी बालिका विद्यालय वर्तमान में भवन के अभाव में दो हिस्सों में बंटा हुआ है। एक से पांच तक ब्रह्मपुरी बालिका विद्यालय के भवन में, बाकी राजमहल के भवन में संचालित है। विद्यालय में इस सत्र में कुल 286 छात्राओं का नामांकन है। जिन्हें पढ़ाने और व्यवस्थाओं के लिए 26 पद स्वीकृत होने के बावजूद मात्र 7 शिक्षक सेवा दे रहे हैं। इनमें एक से पांच तक में दो व छह से बारहवीं तक के लिए पांच शिक्षक है, जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं। विज्ञान विषय होने के बाद भी शिक्षक के अभाव में छात्राओं को अपना विषय बदलने को विवश होना पड़ रहा है। विद्यालय में 13 पद रिक्त चल रहे है। शिक्षकों की कमी के चलते गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 100 से अधिक छात्राओं ने विद्यालय छोड़ा है।

छात्राओं ने बताई समस्याएं :

विरोध जता रहीं छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में पढ़ाने वाला कोई नहीं है। पीने के पानी के लिए परेशानी होती है। सुबह विद्यालय पहुंचने के साथ झाडू भी हाथों-हाथ निकालना पड़ता है। पदस्थ शिक्षक भी क्लास रूम में नहीं आते हैं। छात्राओं ने बताया कि राजमहल की जर्जर दीवार से गुजरते समय डर लगता है। विभाग इसे दुरुस्त करवाए।

इनका कहना है

विज्ञान विषय पढ़ाने के लिए चतुर स्कूल से स्टाफ आएगा। अंग्रेजी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है । पेयजल, सफाई, पंखों को सुधारने के निर्देश दिए है। शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए दस्तावेज सत्यापन चल रहा है। 15 अगस्त से पूर्व भर्ती शुरू हो जाएगी। छात्राओं की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।

महेन्द्र कुमार जैन, सीबीईओ, भींडर

विद्यालय में शिक्षकों की कमी लम्बे समय से चल रही है। छात्राओं को विवश होकर शिक्षा के मन्दिर पर ताला लगाना पडा। हम छात्राओं के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ खडे हैं। बिना शिक्षक के विद्यालय कैसे चलेगा। विधायक के विकास के दावे झूठे साबित हो रहे हैं।

दीपक शर्मा, नेता प्रतिपक्ष, नगरपालिका कानोड़