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नियम कायदे ताक पर

सरकार की योजना को ठेंगा दिखा रहा ठेकेदार, मूक दर्शक बना जलदाय विभाग

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नियम कायदे ताक पर

नियम कायदे ताक पर

उदयपुर. भींडर. कानोड़ .राज्य सरकार द्वारा भींडर व कानोड़ नगर में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों की राशि स्वीकृत कर कार्य भी शुरू कर दिया गया है लेकिन जिस ठेकेदार को यह कार्य सौंपा गया है वह स्वयं तो मौके पर एक बार भी नहीं दिखा, तीसरा ठेकेदार मौके पर काम करवा रहा है, जो किसी की सुनने को तैयार नहीं है। उपभोक्ताओं ने ठेकेदार द्वारा फोन रिसीव नहीं करने की शिकायत भी की है ।बताया गया कि मूल ठेकेदार ने दूसरे को व दूसरे ने तीसरे व्यक्ति को ठेका देकर नियमों की अवहेलना की है। संभवत: आज तक इतनी शिकायतें किसी अन्य कार्य की नहीं हुई होगी जितनी शिकायतें लगातार जलदाय विभाग द्वारा डाली जा रही सप्लाई लाइन में आ रही है ,लेकिन विभाग के अधिकारी भी मूकदर्शक बने हैं । अव्यवस्थाओं की शिकायत भींडर व कानोड़ दोनों नगरों में लगातार मिल रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र भी अछूते नहीं हैं। निकटवर्ती सालेड़ा , बांसड़ा , राजपुरा जहां यह कार्य चल रहा है वहां भी शिकायतों की भरमार है । रविवार को बस स्टैंड पर बीते 10 दिन पूर्व डाली गई सप्लाई लाइन का लेवल सही नहीं मिलने के कारण फिर से लाइन को खोदा गया तो स्थानीय पार्षद गोपाल खटीक , स्थानीय रज्जाक मोहम्मद सहित लोगों ने विरोध जताया और ठेकेदार के कार्यों को नियमों में नहीं होने की विभाग अधिकारियों को शिकायत की लेकिन कार्य दिखवाने की बात कह कर पल्ला झाड़ दिया ।

नियम ताक में-उपभोक्ताओं को हो रहा आर्थिक नुकसान

विभाग के नियमानुसार नगर में पाइपलाइन डालने के साथ ही उपभोक्ता को इसी लाइन से कनेक्शन देना है, लेकिन ठेकेदार कनेक्शन जोड़कर पाइप को वहीं छोड़ रहा है, जिससे उपभोक्ता को अलग से मजदूर लगाकर अपने घर तक लाइन पहुंचानी पड़ रही है ।

विभाग नहीं दे रहा ध्यानविभाग ठेकेदार की आंखों के सामने विभाग द्वारा लगाया गया फेरोल लाइन में अधिक पानी लेने की दौड़ में उपभोक्ता चेंज कर रहे हैं जिनको रोकने टोकने वाला भी कोई नहीं है।

पर्याप्त गहराई में नहीं डाली जा रही पाइप लाइन

जलदाय विभाग पाइपलाइन बिछाने का कार्य कर रहा है। विभाग के नियमानुसार सप्लाई लाइन को 1 मीटर नीचे जमीन में डाला जाएगा लेकिन मौके के हालात को देखा जाए तो कहीं जगह ऐसे हैं कि एक फीट गहराई में भी लाइन को नहीं डाला गया है । ऐसी कॉलोनियां भी है जहां पर पाइपलाइन कुछ गहराई पर डाली गई है । फिल्टर प्लांट से जुड़ी बस्तियां तक पेयजल आपूर्ति के लिए डाली गई प्लास्टिक की पाइपलाइन लगभग एक फीट जमीन में डाली गई है जबकि उस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है ऐसे में कभी भी वह लाइन टूट कर सप्लाई बाधित कर सकती है । क्षेत्र में डाली गई पाइपलाइन जमीन के ऊपर दिख रही है जिसको भी नहीं सुधर गया है ।

सड़क के मलबे से नालियां हो रही चौक, गंदा पानी फेर रहा सड़क पर

विभाग ठेकेदार की लापरवाही की वजह से लाइन खोदकर धीमी गति से कार्य करने के कारण नगर पालिका की नालियां बंद हो गई है जिससे गंदा पानी सड़कों पर बहने के कारण शहरवासियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है । जबकि लाइन खोदने के साथ ही उसे सुव्यवस्थित करने और मलबा सड़क से हटाने की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की है ,लेकिन ऐसा समय पर नहीं किया जा रहा है ।

इनका कहना है.....

कई बार शिकायत करने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है, विभाग अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं , नगर में बिछाई जा रही सप्लाई लाइन को गहरा नहीं डालने से क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है, मूल ठेकेदार मौके पर नहीं है तीसरा व्यक्ति काम करवा रहा है, ठेकेदार फोन तक रिसीव नहीं करता । उच्चाधिकारियों को शिकायत की जाएगी ।

गोपाल खींची, पार्षद नगरपालिका कानोड़

काम सही चल रहा है कहीं कोई दिक्कत आ रही है तो सुधार किया जाएगा, फेरौल चेंज करने वाले खिलाफ कार्रवाई होगी, फिल्टर प्लांट के पास पत्थर आने की वजह से लाइन को गहरा नहीं डाला जा सका है फिर भी दिखवाकर सुधार किया जाएगा।

परसाराम, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग भींडर