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उदयपुर के मेनार को मिला बेस्ट विलेज टूरिज्म का अवार्ड, सिल्वर कैटेगरी में चयन

- पर्यटन मंत्रालय के श्रेष्ठ पर्यटन गांव प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान - राजस्थान के केवल दो गांव हुए चयनित, मेनार के अलावा नौरंगाबाद

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उदयपुर के मेनार को मिला बेस्ट विलेज टूरिज्म का अवार्ड, सिल्वर कैटेगरी में चयन

उदयपुर के मेनार को मिला बेस्ट विलेज टूरिज्म का अवार्ड, सिल्वर कैटेगरी में चयन

मेनार. (उदयपुर) विश्व पर्यटन दिवस पर राजस्थान और उदयपुर के लिए एक खुशखबरी है कि बर्ड विलेज के नाम से मशहूर उदयपुर जिले के मेनार गांव को बेस्ट विलेज टूरिज्म का अवार्ड प्रदान किया गया है। दरअसल, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने श्रेष्ठ पर्यटन गांव प्रतियोगिता का आयोजन किया था, इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव का चयन किया गया। दिल्ली के प्रगति मैदान पर बुधवार को भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में मेनार गांव का सिल्वर कैटेगरी में चयन किया गया। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्राम पंचायत मेनार सरपंच प्रमोद कुमार को अवार्ड प्रदान किया।

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देशभर से 35 गांवों का चयन, राजस्थान से सिर्फ 2 गांव

भारत सरकार द्वारा इस प्रतियोगिता में देशभर से कुल 35 गांव चुने गए । इनमें उदयपुर जिले के मेनार गांव को रजत पदक मिला, जबकि श्री महावीरजी के नौरंगाबाद गांव को कांस्य पदक दिया गया। देशभर के 35 गांवों में से 5 स्वर्ण पदक, 10 रजत पदक एवं 20 गांवों को कांस्य पदक से नवाजा गया। मेनार के लोगों ने प्रकृति संरक्षण में जो काम किया है वो पूरे देश के लिए एक नजीर पेश कर रहा है, इसलिए इसका दावा सबसे प्रबल था।

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पत्रिका ने उठाई आवाज , खबरों की प्रामाणिकता पर खरा उतरा

मेनार में विलेज टूरिज्म की संभावनाओं को लेकर पिछले कई वर्षो से राजस्थान पत्रिका निरंतर खबरों का प्रकाशन कर आवाज बुलंद कर रहा है। पर्यटन मंत्रालय द्वारा बेस्ट टूरिज्म विलेज के आयोजित उक्त प्रतियोगिता जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हुई । पर्यटन मंत्रालय ने आवेदन पोर्टल के माध्यम से मांगे थे, इसमे मेनार ने भी आवेदन किया था। अजय मेनारिया के आवेदन पर तत्कालीन जिला कलक्टर ताराचंद मीणा ने उदयपुर जिले से मेनार पक्षी विहार को राज्य स्तर प्रविष्टि के लिए जिले से नामित किया था। मेनार में प्रकृति संरक्षण, इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य की तस्वीरों के साथ तैयार की गई पीपीटी में पत्रिका की 3 दर्जन से अधिक खबरों को अटैच किया गया था । हर पहलू की प्रामाणिकता को लेकर पिछले वर्षो में पत्रिका में प्रकाशित खबरों को शामिल कर आवेदन पोर्टल पर अपलोड किया गया।

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इनका कहना है :

पर्यटन मंत्रालय ने हमें ऐसे गावों का चयन करने के लिए निर्देश दिए थे जो पर्यावरण, इतिहास और संस्कृति जैसे आयामों में वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने की क्षमता रखते हो। मेनार इन सभी पैमानों में खरा उतरता है। जब गांव राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुआ है तो इस प्राकृतिक व सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी ।

अजय मेनारिया, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय

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इस प्रतियोगिता के लिए उदयपुर से सर्वाधिक 11 गांवों का नाम भेजा गया था। मेनार के ग्रामीणों ने सदियों पुरानी परंपराओं और पर्यावरण का संरक्षण किया है, वह पूरे विश्व के लिए एक उदाहरण है। प्रशासन इसे इको टूरिज्म सर्किट की तर्ज पर विकसित करने पर लगातार प्रयास कर रहा है ।

शिखा सक्सेना, उपनिदेशक, पर्यटन विभाग


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