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प्राचीन बावड़ी को बंद कर काट दिया प्लांट

कलक्टर को अवगत कराने के बाद भी नहीं हो पाई कार्रवाई नगरवासियों ने जताया आक्रोश

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प्राचीन बावड़ी को बंद कर काट दिया प्लांट

प्राचीन बावड़ी को बंद कर काट दिया प्लांट

सलूम्बर. जिला मुख्यालय स्थित नगर के माना की सैर स्थित प्राचीन बावड़ी को भूमाफिया द्वारा मिट्टी एवं पत्थर से बंद कर प्लॉट काट दिए।
पर्यावरण संरक्षण समिति एवं नगर वासियों ने अक्टूबर माह में माना की सैर स्थित भगवान द्वारकाधीश के नाम से प्रसिद्ध बावड़ी पर भूमाफिया द्वारा प्लॉट काटने की सूचना जिला कलक्टर प्रताप सिंह को दी थी। ज्ञापन में बताया कि मेवाड़ सेटलमेंट के समय ठिकाना देवस्थान के नाम ठाकुर श्री द्वारकाधीश मंदिर के अधीन बावड़ी प्राचीन समय से बनी हुई है लेकिन द्वितीय सेटलमेंट में उक्त भूमि पुनः राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हो गई थी लेकिन प्रथम सेटलमेंट के खाते की नकल बताकर गड़बड़ी करते हुए नगर पालिका की मिली भगत पर भूमि पर प्लानिंग कर भूखंड बना दिया गया तथा शेष बावड़ी ओर मंदिर से सटी भूमि पर कब्जा करने की नीयत से कार्य कार्य किया जा रहा है । ज्ञापन में देवस्थान की भूमि एवं उसे पर बनी बावड़ी को पुनः पुराने स्वरूप में तौटा कर सरक्षण की मांग की गई । जिला कलक्टर को ज्ञापन देने के एक महीने बाद भू माफिया ने दो दिन पूर्व बावड़ी में पत्थर एवं मिट्टी डालकर पूर्ण रूप से बंद कर प्लॉट का रूप दे दिया । ज्ञापन देने के बाद बावड़ी बंद होने पर नगर वासियों ने आक्रोश जताते हुए नगर के पर्यावरण समिति अध्यक्ष प्रह्लाद पटेल , उपाध्यक्ष व पार्षद रामभरोसे पुरोहित ,सुनील सेवक सहित नगर वासियो ने मंगलवार को पुनः जिला कलक्टर के नाम अतरिक्त जिला कलक्टर कृष्णपाल सिंह को ज्ञापन दिया। इसमें राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ की ओर से जनहित याचिका ‘अब्दुल रहमान बनाम सरकार’ में 2 अगस्त 2004 के आदेश की पालना कर बावड़ी को पुनः खोलने तथा उसके संरक्षण की मांग उठाई। दूसरी तरफ मंगलवार देर रात को नगर वासियों की बैठक आयोजित करके पर्यावरण प्रेमी एवं नगर वासियों ने उक्त मामले पर आक्रोश जताया।

इनका कहना है
जिला कलक्टर को 1 महीने पूर्व ज्ञापन देने के बाद कार्यवाही नहीं हो पाई तथा दो दिन पूर्व बावड़ी को मिट्टी में पत्थर डालकर बंद कर प्लाट काट दिया गया।
-प्रह्लाद पटेल, अध्यक्ष पर्यावरण समिति सलूंबर

सूचना मिलते ही पटवारी को मौके पर भेजा तथा प्रकरण की जांच चल रही है। पटवारी की सूचना के अनुसार जमीन निजी खातेदारी हैं फिर भी उसके संपूर्ण दस्तावेज मांगे गए हैं लेकिन प्राचीन बावड़ी बंद करने की सूचना अगर है तो जांच कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ मयूर शर्मा, तहसीलदार, सलूम्बर