
जनता का सवाल : रूपसागर पाल से कुशालबाग तक 80 फीट सडक़ कब खोलेंगे?
मुकेश हिंगड़ /उदयपुर. शहर के रूपसागर पाल से कुशालबाग तक मास्टर प्लान में प्रस्तावित 80 फीट सडक़ अभी तक खुल नहीं पाई है। इस क्षेत्र में करीब 50 से ज्यादा कॉलोनियां बन चुकी है लेकिन मुख्य संकरे रास्ते से बाहर की मुख्य सडक़ पर आने के लिए बड़ी परेशानियां झेलनी पड़ती है। यूआईटी ने 80 फीट सडक़ के अनुसार ही इस क्षेत्र में निर्माण स्वीकृतियां दी लेकिन अभी तक सडक़ बनाने के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की। रूपसागर और आसपास के क्षेत्र के लोगों के भी कई पत्र और मुलाकतें यूआईटी में हो चुकी थी। क्षेत्रवासियों का मानना है कि अब तक इस सडक़ को यूआईटी को खोलना चाहिए।
ट्रस्ट बैठक में भी बन गई थी सहमति
वर्ष 2012 में हुई यूआईटी ट्रस्ट की बैठक में भी इस सडक़ को लेकर सहमति बन गई थी और क्षेत्रवासियों का तो कहना है कि स्वीकृति तक हो चुकी थी। ट्रस्ट की बैठक में बताया गया कि मास्टर प्लान में 80-80 फीट चौड़ी सडक़ों कुल 366 मीटर की लम्बाई में मौजा आयड़ के कुछ खसरों में से प्रस्तावित है। ये सडक़ अमरूदों की बाड़ी वाले क्षेत्र के वहां से प्रस्तावित है। वहां तिराहा भी प्रस्तावित है।
ऐसे प्रस्तावित है सडक़
ये सडक़ बेकनी पुलिया के पास से केशवनगर होकर रूपसागर तालाब पाल तक एवं सेंट ग्रेगोरियस स्कूल के पास 100 फीट से कुशालबाग तक प्रस्तावित थी। सडक़ पुलां चौराहा से अशोका बेकरी (100 फीट) सडक़ होते हुए विश्वविद्यालय मार्ग से कनेक्ट होनी थी। वर्तमान में अशोका बेकरी से पहले तक तो सडक़ बन चुकी है। अब वहां आगे से चंदनवाड़ी-आदर्शनगर के पास से रूपसागर तक कनेक्ट होना है। आदर्शनगर में एक सामुदायिक भवन भी इस सडक़ के बीच आ रहा है लेकिन वह जर्जर अवस्था में है। नगर निगम भी वहां से सडक़ प्रस्तावित होने से उसका जीर्णोद्धार नहीं करवा रहा है।
सडक़ बनना इसलिए जरूरी
- विवि मार्ग की मुख्य सडक़ नागदा रेस्टोरेंट से अंदर केशवनगर की मुख्य सडक़ 20 फीट भी चौड़ी नहीं है। इस सडक़ पर आए दिन जाम रहता है।
- रूपसागर, केशवनगर, न्यू केशवनगर, चंदनवाड़ी आदि क्षेत्रों में करीब 50 से ज्यादा कॉलोनियां विकसित हो गई है। यह सडक़ आगे शोभागपुरा 100 फीट से लिंक है।
- केशवनगर की मुख्य सडक़ एवं आसपास बड़े कॉम्पलेक्स बने हुए है और वहां तथा कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के मुख्य सडक़ पर कनेक्टिविटी का रास्ता संकरा है।
- बेकनी पुलिया, कालका माता, आरटीओ रोड पर भी यातायात का दबाव बढ़ा हुआ है, ऐसे में इस सडक़ की जरूरत उस क्षेत्र के लिए भी ज्यादा है।
- क्षेत्रवासियों का मानना है कि रूपसागर तालाब की पाल से निकलने वाली इस सडक़ के साथ-साथ दस गुणा दस का नाला भी बनाया जाए ताकि बारिश के समय पानी की निकासी भी आसानी से हो सके।
यूआईटी को अब तो अपने प्रोजेक्ट पर पहल करनी चाहिए
अस्सी फीट के लिए पिछले दस सालों से इस क्षेत्र के लोग संघर्ष कर रहे हैं। तब से अब तक इस क्षेत्र का बहुत विस्तार हो गया और अब 80 फीट सडक़ का निर्माण जरूरी हो रहा है। मास्टर प्लान में जब इस सडक़ को देने के बाद यूआईटी ने बड़े-बड़े टॉवर स्वीकृत कर दिए और बन भी गए लेकिन नहीं बनी तो अस्सी फीट सडक़। यूआईटी को पहल कर इस पर काम करना चाहिए, जरूर सडक़ बन जाएगी, जहां भी विवाद जैसी बात है तो वहां बैठकर रास्ता निकाला जा सकता है।
- राकेश जैन, पार्षद वार्ड 64
कई कॉलोनियों के रास्ते खुल जाएंगे
इस सडक़ को लेकर हमने लम्बे समय से संघर्ष करते आए हैं। यूआईटी ने उस समय सर्वे भी कराया। आश्चर्य तो इस बात का है कि जिस मास्टर प्लान में इसे 80 फीट सडक़ बताया उसमें अन्य जो सडक़ें थीं वह तो बन गई लेकिन यह सडक़ आज तक नहीं बन सकी, जबकि इस सडक़ के बनने से कालकामाता रोड, केशवनगर, रूपसागर, चंदनबाड़ी, आदर्शनगर आदि क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
- वेद प्रकाश यादव, अध्यक्ष रूपसागर क्षेत्रीय विकास समिति
Updated on:
13 Aug 2021 11:13 am
Published on:
13 Aug 2021 09:36 am
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