
हरिद्वार के लिए नहीं नियमित ट्रेन, मुश्किल हो रहा गंगा स्नान
उदयपुर. आस्था और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण उदयपुर-हरिद्वार ट्रेन शहरवासियों को लंबी प्रतिक्षा के बाद मिली, लेकिन सप्ताह में मात्र तीन दिन चलने के कारण इसमें अधिकतर वेटिंग आती है। ऐसे में इसमें सफर करना आसान नहीं है। ट्रेन को रेगुलर करने के साथ ही डिब्बों में बढ़ोतरी की जाए तो लोगों को सुविधा मिलने के साथ ही रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
करीब सात साल पूर्व उदयपुर- योग नगरी ऋषिकेश ट्रेन सप्ताह में तीन दिन के लिए चलाई गई। हरिद्वार धार्मिक स्थल होने के साथ ही मृत्यु के बाद अिस्थ विसर्जन के लिए भी बड़ी संख्या में लोग वहां जाते हैं। इस ट्रेन ने शुरू होने के साथ ही रेलवे को आशा से अधिक यात्रीभार देना शुरू कर दिया। अच्छा राजस्व मिलने के बाद भी ट्रेन को रेगुलर नहीं किया जा रहा। इससे संभाग के उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर सहित भीलवाड़ा पाली आदि जिलों के लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
22 की जगह 16 डिब्बे ही
हरिद्वार एक्सप्रेस में वर्तमान में 22 की जगह 16 डिब्बे ही लगाए हुए हैं। इससे भी यात्रीयों की मारामारी रहती है। रेलवे को ट्रेन में थर्ड एसी, स्लीपर आदि के डिब्बे बढ़ाते हुए कम से कम 20 डिब्बे करने चाहिए। सूत्रों ने बताया कि हरिद्वार के स्टेशन पर छोटे प्लेटफार्म पर रैक को खड़ा किया जाता है। ऐसे में उदयपुर की गाड़ी में डिब्बे नहीं बढ़ाए जा रहे। जबकि इसके रैक को बड़े प्लेटफार्म पर या आसपास के अन्य स्टेशन पर खड़ा किया जा सकता है।
एक रैक मिलते ही रेगुलर हो सकती है ट्रेन
उदयपुर-ऋषिकेश चलने वाली गाड़ी सप्ताह में तीन दिन सोमवार, गुरुवार और शनिवार को उदयपुर से चलती है। इसी प्रकार ऋषिकेश से रविवार, मंगलवार और शुक्रवार को चलती है। इस गाड़ी के लिए एक रैक और उपलब्ध हो जाता है तो यह रेगुलर हो सकती है।
डेढ़ से दो माह की वेटिंग
उदयपुर से हरिद्वार ट्रेन के स्लीपर कोच में मई का पूरा माह वेटिंग और जून माह में वेटिंग और आरएसी आ रही है। इसी प्रकार थर्ड एसी में भी मई में वेटिंग और जून माह में भी 15 तारीख से गिनती की सीटे ही उपलब्ध है। सेकंड एसी में भी मई माह में वेटिंग और जून माह में गिनती की सीटे ही उपलब्ध है।
Published on:
06 May 2023 08:19 pm
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