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विस्फोटक सप्लाई करना पड़ा भारी, कोर्ट ने कहा रहो जेल में ही

विस्फोटक सप्लाई करना पड़ा, कोर्ट ने कहा रहो जेल में ही

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rajasthan high court : लूनी नदी के किनारे से अतिक्रमण हटाने के निर्देश

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मोहम्मद इलियास/उदयपुर

उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे टै्रक पर विस्फोट के मामले में अवैध रूप से विस्फोटक सप्लाई करने वाले तीन आरोपियों की जिला एवं सेशन न्यायालय ने गुरुवार को जमानत याचिका खारिज कर दी।

गत 12 नवम्बर 2022 को आरोपियों ने उदयपुर से 35 किमी दूर ओड़ा रेलवे पुलिया पर रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट किया था। धमाके से लोहे व विस्फोटक के टुकड़े काफी दूर तक उछले थे, साथ ही लोहे का बड़ा चद्दर खड़ा हो गया। महज 13 दिन पहले ही शुरू हुए इस ट्रैक पर विस्फोट से रेलवे महकमा ही नहीं बल्कि देशभर की सुरक्षा एजेन्सियां हिल गई थी। विस्फोट के कारणों के पीछे नक्लवाद सहित कई कयास लगाए गए, लेकिन पड़ताल में स्थानीय लोगों का ही हाथ सामने आया था। एटीएस टीम उदयपुर प्रभारी अनंत कुमार ने जांच के बाद मुख्य आरोपी धूलचंद मीणा व उसके भतीजा प्रकाश मीणा को गिरफ्तार किया तथा एक अपचारी को निरुद्ध किया था। इन आरोपियों से पूछताछ के बाद टीम ने विस्फोटक सप्लायर बिहारीलाल सुवालका उसके बेटे अंकुश सुवालका, सुरेश उपाध्याय, देवेन्द्र डांगी, अशोक मीणा, भरतराज सेन, अक्षय सेन, लोकेश सोनी व अमित सोनी को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध चालान पेश किया। आरोपी अभी न्यायिक अरिरक्षा में है। इन आरोपियों में से नवरत्न कॉम्पलेक्स सुखेर निवासी सुरेश उपाध्याय, सेक्टर-4 निवासी भरतराज सेन व राताखेत मल्लातलाई निवासी अशोक कुमार मीणा ने जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत याचिका पेश की। जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। गिरफ्तार इन सभी आरोपियों के विरुद्ध एटीएस ने यूएपीए, विस्फोट कर आतंक फैलाने,अवैध रूप से विस्फोटक बेचान, भारतीय विस्फोटक अधिनियम के साथ ही विभिन्न धाराएं लगाई थी।

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