- चालीहा महोत्सव के तहत देर रात तक मंदिरों में हो रहे धार्मिक आयोजन
उदयपुर. सिंधी समाज में इन दिनों चालीहा महोत्सव के आयोजन हो रहे हैं। चालीस दिवसीय इस पर्व के तहत श्रद्धालु व्रत और उपवास कर रहे हैं। प्रतिदिन शाम को भगवान झूलेलाल की विशेष पूजा अर्चना के साथ ही उन्हें भोग लगाया जाता है। अलग-अलग श्रद्धालु अपने-अपने घरों से विविध व्यंजन भोग लगाने के लिए लाते हैं। ऐसे में मंदिर में अन्नकूट और छप्पन भोग जैसा नजारा हो जाता है।पूज्य बिलोचिस्तान पंचायत व सनातन धर्म सेवा समिति द्वारा शक्तिनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर में भगवान झूलेलाल का चालीहा महोत्सव मनाया जा रहा है। समाज के अध्यक्ष नानकराम कस्तूरी ने बताया कि यह पर्व 25 अगस्त तक नियमित रूप से मनाया जाएगा। इसके तहत सनातन मंदिर में चालीस दिनों तक भक्तों द्वारा अलग-अलग प्रसाद का भोग लगाया जा रहा है। इसमें छोले, दाल, पुड़ी, ब्रेड, कड़ा प्रसाद, मिठे चावल, रोठ, सूजी का हलवा, आटे का हलवा, फल आदि भगवान को अर्पण किए जा रहे हैं।
सनातन धर्म सेवा समिति के गुरमुख कस्तुरी ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन शाम को भगवान की विशेष पूजा-अर्चना, कथा, भजन, कीर्तन हो रहे हैं। इस दौरान कई भक्त जन्मदिवस, शादी सालगिरह और श्रद्धानुसार भक्तों द्वारा हाथ प्रसाद भी वितरित कर रहे हैं।
मंदिर में प्रतिदिन बसन्त कस्तुरी, सुनील डोडेजा, हरीश भाटिया, सुनील कालरा, बलदेव तलदार, सुंदरलाल मटवानी, सुरेश कटारिया, ललित खतुरिया, सोनू तलरेजा सहित अन्य समाजजन सेवाएं दे रहे हैं।