
सावधान : लॉक डाउन में छूट मतलब कोरोना की जंग नहीं जीत गए हम
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. संशोधित लॉक डाउन के तहत 20 अप्रेल से उदयपुर जिले में कई छूट जिला प्रशासन देने जा रहा है। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है लेकिन आप यह नहीं मान ले कि कोरोना वायरस से जंग जीत ली है और अब आराम से घर से निकले। इस संशोधित लॉक डाउन में पूरी सख्ती रहेगी और जो पालना नहीं करेगा उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी अनुमतियां निरस्त कर दी जाएगी। वैसे भी बड़ी बात यह है कि इस महामारी से उदयपुर को बचाने के लिए सबकी जिम्मेदारी है और पूरी सर्तकता बरतनी होगी। वैसे राज्य सरकार को पूर्व में निकले आदेश के तहत किराणे व प्रोविजन की दुकाने, फल-सब्जी आदि खुले रहेंगे लेकिन जोर दिया गया है कि दुकानों पर भीड़ न हो इसके लिए होम डिलीवरी पर जोर दिया गया है। जिला कलक्टर आनंदी ने बताया कि उक्त आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच में पालना नहीं मिली तो अनुमति निरस्त
एडीएम (प्रशासन) ओपी बुनकर ने बताया कि इन निर्देशों की पालना उपखंड अधिकारी अपने स्तर पर टीम बनाकर इसकी जांच कराते रहेंगे। पालना नहीं मिलने पर तत्काल अनुमति निरस्त की जाएगी।
श्रमिक यहां तो वहीं रहे, या उनके लिए वाहन लगाए
उद्योग संचालन शुरू करने से पहले श्रमिकों को अपने परिसर में अथवा निकटवर्ती भवन में ठहरने की व्यवस्था करनी होगी। संभव नहीं हो तो संस्थान में कार्यरत सभी व्यक्तियों को लाने ले जाने के लिए परिवहन की सुविधा की व्यवस्था करनी होगी। वाहन के लिए अनुमति लेनी होगी। ऑनलाइन के अलावा रीको व जिला उद्योग केन्द्र से पास जारी किए जा सकेंगे।
इन पर पाबंदी रहेगी
- हवाई, ट्रेन एवं बस सेवाएं
- लोगों का राज्य के अंदर व बाहर आवागमन
- शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान
- औद्योगिक एवं व्यवसायिकत गतिविधियां (अनुमत को छोड़)
- होटल (अनुमत को छोड़)
- टैक्सी, कैब, ऑटो रिक्शा, साइकिल रिक्शा
- सिनेमा हॉल, मॉल, शॉपिंग मॉल, व्यायामशाला
- स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स, स्वीमिंग, मनोरंजन पार्क, थियेर्टस, बार
- राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजन
- धार्मिक स्थल व पूजा स्थल
- अंतिम संस्कार के लिए 20 से अधिक व्यक्तियों को समूहों को अनुमति
उद्योग संचालन में ये बिना अनुमति के चलेंगे
- दवाईयां, चिकित्सा उपकरण के कच्चे माल की इकाइयां
- तेल, चावल, आटा, दाल मिल, चक्की आदि
- कोयला एवं मिनरल्स उत्पादन
- केमिकल कारखाने वर्तमान उत्पादन चक्र समाप्त हो तब तक
- फार्म मशीनरी, उपकरण, स्पेयर पाटर््स उत्पादन इकाइयां
- खाद-बीज एवं कीटनाशरक उत्पादन इकाइयां
- पशु आहार एवं मुर्गी दाना उत्पादन इकाइयां
- उद्योगों के लिए पैकेजिंग सामान उत्पादन करने वाली इकाइयां
- एम्बूलेंस निर्माण व बॉडी बिल्डिंग व चिकित्सा वाहन
- शहरी सीमा से बाहर ग्रामीण क्षेत्र में शामिल सभी उद्योग
- तेल एवं गैस का उत्खनन
- खादी सहित कुटीर एवं घरेलु उद्योग
- सूचना तकनीकी के हार्डवेयर निर्माण
- रीको क्षेत्र, फुड पार्क, मसाला पार्क
- भंडारगृह व गोदाम जिनमें डिपो शामिल है, न्यूनतम श्रमिक व स्टाफ के साथ
- कोल्ड स्टोरेज
खनन क्षेत्र में इनकी अनुमति जरूरी नहीं
- लिग्नाइट, लैंड, जिंक व कॉपर आदि
- खनिजों का खनन
- विस्फोटक एवं अनुषांगिक गतिविधियों के परिवहन आपूर्ति
ये खास बातें भी
- ग्रामीण क्षेत्रों ईंट भट्टे चलाने के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं है, यह जरूरी है कि श्रमिक वहीं रहे, कोयला लाने के लिए परिवहन के लिए पास लेना होगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माणाधीन एवं नवीन गतिविधियां शुरू की जा सकती है और शहरी क्षेत्र में निर्माणधीन गतिविधियां ही चल सकेगी।
- राजमार्गो पर ट्रक की मरम्मत के लिए दुकानें, टायर पंक्चर, भोजन के लिए ढाबे, प्लम्बर व इलेक्ट्रीशियन आदि को पास लेना होगा। ग्राहक के मास्क लगा होना जरूरी है।
- एक समय में छोटी दुकान में 2 से अधिक व बड़ी दुकान में 5 से अधिक उपभोक्ताओं को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
- सोशल डिस्टेसिंग बनाए रखनी होगी
- गुटखा, तम्बाकू नहीं खाएंगे
- सार्वजनिक स्थानों पर थूकेंगे नहीं
- कार्य स्थलों को समय-समय पर सेनेटाइज करते रहेंगे
- जहां शिफ्टों में काम होता है वहां श्रमिक एकत्रित नहीं हो। शिफ्ट के मध्य एक घंटे का अंतराल हो।
- सभी कार्य स्थलों पर तापमान जांच के लिए थर्मलस्केनर की व्यवस्था करनी होगी, उसका रिकार्ड भी रखा जाएगा।
- कोई भी बड़ी मीटिंग आयोजित नहीं की जाए।
बॉर्डर संभालना होगा : कटारिया
मैने सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखा है। लॉकडाउन खुलने की स्थिति में गुजरात व महाराष्ट से बडी संख्या में प्रवासी लोग व श्रमिक आएंगे ऐसे में सावधानी जरूरी है। बॉर्डर पर ही स्वास्थ्य की जांच एवं अन्य प्रबंध करने होंगे। वहां छाया-पानी, भेाजन एवं सुरक्षा के माकूल प्रबंध करने होंगे। कानून व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन को पूरा सर्तक रहना होगा। विधायक निधि से जो सामग्री दी जा रही है उन थैलियों पर विधायक के नाम पिंट किए जा रहे है जो उचित नहीं है।
- गुलाबचंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष विधानसभा
सीमाओं पर हो चौकसी जरूरी
मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रदेश की विभिन्न राज्यों की सीमाओं पर चौकसी के साथ राहत शिविरों में रह रहें व्यक्तियों के मेडिकल परीक्षण एवं देखरेख के उपरान्त उनके गांवों में पहुचाने की व्यवस्था कराने की मांग की। दिहाड़ी मजदुरो के राशन की समस्या आ रही हैं उनके राशन सामग्री सुनिश्चित की जानी चाहियें।
- अर्जुनलाल मीणा, सांसद
हम पूरे ऐहतियात से चलेंगे तो ठीक
वायरस अभी जिन्दा है। हालांकि काफी नियंत्रित हुआ है। यदि हम पूरे ऐहतियात से चलेंगे तो और अच्छे नतीजे आएंगे। इकोनॉमी को देखना भी जरूरी है, इसके लिए हमे सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनने व हाथ धोने की आदत पर पूरा फोकस करना होगा तभी हम लक्ष्य हासिल कर पाएंगे।
- डॉ. आरती प्रसाद, विभागाध्यक्ष प्राणीशास्त्र सुखाडिय़ा विवि
वायरस के बर्ताव पर कोई असर प्रमाणित नहीं हुआ
उदयपुर तथा पड़ौसी चित्तौडगढ़़-राजसमंद में कोई केस नहीं हैं। बॉर्डर पर सख्ती हो तो लॉकडाउन खोलना फायदेमंद होगा। तापमान बढ़ा है लेकिन वायरस के बर्ताव पर कोई असर प्रमाणित नहीं हुआ है। बाहर उसे साबुन से मिटा सकते हैं लेकिन शरीर के अन्दर जाकर वह और मजबूत हो जाता है। इसलिए सावधानी बहुत जरूरी है।
- डॉ. रमा कंवर खंगारोत, अस्टिटेंट प्रोफेसर रसायन विज्ञान सुविवि
Published on:
19 Apr 2020 02:19 pm
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