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BAP MP From Banswara-Dungarpur Rajkumar Rot: बीएपी से बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत मंगलवार को सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने सैकेंड ग्रेड टीचर भर्ती-2022 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा को लेकर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने पेपर लीक में कई नेताओं के शामिल होने की बात कही। रोत ने कहा कि कटारा के कंधे पर बंदूक रखकर नौकरियां बेचने वाले नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?
सर्किट हाउस में सांसद रोत ने कहा कि कटारा को आरपीएससी सदस्य बनाने की सिफारिश करने वाले नेता ही इसमें शामिल हैं और उनके नाम ईडी के बयानों में भी उजागर हुए हैं। सभी सिफारिश करने वाले गलत नहीं कहे जा सकते, लेकिन उनकी चुप्पी का मतलब ही गलत होना है। रोत ने उदयपुर कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष रघुवीर मीणा, डूंगरपुर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश खोड़निया और पूर्व मंत्री अर्जुन बामनिया के नाम लिए।
सांसद रोत ने 24 सितंबर 2020 को उदयपुर-डूंगरपुर के बीच हुए कांकरी डूंगरी मामले में भी इन्हें आरोपी ठहराया। तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत को दिए ब्रीफ नोट में कहा गया कि कांकरी डूंगरी कांड में शांति बहाल कराने में बाबूलाल कटारा का बड़ा योगदान रहा। इसी से उन्हें आरपीएससी सदस्य बनाकर इनाम दिया। कांकरी डूंगरी प्रकरण में जो नेता शामिल थे, उन्होंने पेपर लीक केस के बाद किनारा कर लिया और छवि सुधारने में लगे हैं।
कांग्रेस से भाजपा में गए और वापस कांग्रेस में लौटने को लेकर चर्चा में आए महेंद्रजीत सिंह मालवीया को लेकर भी सांसद रोत ने कहा कि कांग्रेस में रहते मालवीया पर कई आरोप लगे। फिर वे भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' में धुलकर बेदाग हो गए।
मालवीया की इस आवाजाही में दाग खत्म होने से सवाल उठता है कि अब कांग्रेस में लौटने पर क्या उन पर कार्रवाई होगी? वे भाजपा में गए तब बोले थे कि उन्हें राम मंदिर नहीं जाने दिया, इसलिए भाजपा में गए। तो क्या अब उनको कांग्रेस राम मंदिर जाने के लिए कह रही है, जो वापस कांग्रेस में लौट रहे हैं।
Updated on:
14 Jan 2026 01:18 pm
Published on:
14 Jan 2026 01:18 pm
