
उदयपुर/पत्रिका . अरावली की मनमोहक वादियों के बीच बसा उदयपुर शहर अपने हेरिटेज और खूबसूरती के लिए विश्व विख्यात है। यहां की पहाड़ियां प्रकृति प्रेमियों को भी लुभाती है। इसी को ध्यान में रखकर प्राकृतिक छटाओं के बीच वन विभाग ने कई पार्क विकसित किए हैं। चीरवा का घाटा और अंबेरी में स्थित उद्यानों में अन्य मनोरंजन के साधन लगाने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही यहां पहाड़ों के बीच बड़े झूले पर झूलने और आसमान में साइक्लिंग का आनंद स्थानीय नागरिक और पर्यटक उठा सकेंगे। उपवन संरक्षक उत्तर अजय चित्तौड़ा ने बताया कि ईको टूरिज्म फॉरेस्ट पॉलिसी के अनुसार उदयपुर में ईको टूरिज्म बढ़ाने के लिए कुछ और गतिविधियां बढ़ाने के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इसके प्रथम चरण में अंबेरी स्थित मेवाड़ जैव विविधता पार्क और चीरवा घाटा स्थित महात्मा गांधी स्मृति वन उद्यान को चुना है। दोनों पार्क में स्काई साइक्लिंग, बड़ा झूला और वॉल क्लाइंबिग के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
चिरवा घाटी स्थित महात्मा गांधी स्मृति वन उद्यान में जिप लाइन, इंटर प्रिटेशन सेंटर में मेवाड़ के जंगलों में मिलने वाले विभिन्न प्रजातियों के पौधे, पक्षी, सरीसृप, वन्यजीव, बटर फ्लाई, हर्ब-सर्ब ग्रासेस, बेलें, बीज आदि की जानकारी के साथ ही पैंथर गैलेरी है। यहां तीन व्यू-प्वाइंट और बच्चों के लिए झूले आदि लगे हुए हैं। इसी प्रकार मेवाड़ जैव विविधता पार्क में नॉलेज बैंक, ट्री वॉक, जिप लाइन, पेड़ों पर मचान, पैंथर ट्रैक, व्यू प्वाइंट, पीकॉक ट्रेल, इमली ट्रेल, चंदन ट्रेल आदि है। यहां बटर फ्लाई पार्क विकसित हो चुका है। इसके उद्घाटन का इंतजार है।
लोग होंगे आकर्षित
वन विभाग की ओर से तैयार किए जा रह प्रस्तावों में स्काई साइक्लिंग में दो पहाड़ों के बीच तारों पर साइकिल चलाने का आनंद उठा सकेंगे। इसी प्रकार स्काई स्विंग में भी पहाड़ों के बीच बड़ा झूला लगाया जाएगा। इस पर बैठने वाले को खूबसूरत वादियों में झूलने का आनंद मिलेगा। वॉल क्लाइंबिंग में बच्चे और बड़े दोंनों क्लाइंबिंग का आनंद उठा सकेंगे।
Published on:
26 Aug 2023 12:22 pm

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