
आपका भूखंड 500 वर्गगज तक है तो पट्टे के लिए मिलेगी बड़ी रियायत
UIT के पेराफेरी में आने वाली ग्राम पंचायतों में पट्टे देने को लेकर हो रही परेशानियों को लेकर आखिर राज्य सरकार ने रास्ता निकाल ही दिया है। उदयपुर यूआईटी के मास्टर प्लान 2031 में शामिल 130 राजस्व गांवों में पट्टे देने को लेकर फैसला अब जिला कलक्टर करेंगे। यहीं नहीं इन क्षेत्रों में सार्वजनिक हितों के लिए जमीन देने की एनओसी भी वहीं से जारी होगी।
जयपुर से यूडीएच की ओर से मंगलवार को जारी अधिसूचना के बाद यह नई तस्वीर सामने आई है। इसका सीधा असर प्रशासन गांवों के संग व शहरों के संग शिविरों में पेराफेरी में आने वाली पंचायतों के गांवों-ढाणियों को मिलेगा। इन शिविरों में बसी आबादी में पट्टे देने को लेकर पंचायतों के पास अधिकार नहीं थे क्योंकि ये जमीनें यूआईटी के अधीन हो गई थी। अब नई अधिसूचना के बाद इन पर निर्णय अब जिला कलक्टर करेंगे।
उदयपुर के मुद्दे पर ही सरकार ने बनाई थी कमेटी
उदयपुर यूआईटी की पंचायतों में पट्टों को लेकर सामने आई समस्या के बाद ही सरकार ने मंत्रीमंडलीय कमेटी बनाई। पत्रिका ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और पेराफेरी की पंचायतों की बनी संघर्ष समिति ने भी आंदोलन किया था। पत्रिका ने प्रभारी मंत्री रामलाल जाट के सामने यह मुद्दा रखा तब उन्होंने साफ कहा था कि इसका रास्ता निकालेंगे, बाद में मंत्री समूह की समिति भी बनाई गई थी जिसकी राय पर ही यह रास्ता निकाला गया। समिति का कहना है कि 54 पंचायतों के 162 गांव इसकी जद में आ रहे है।
वैसे पंचायतें तो खुद मांग रही थी अधिकार
वैसे पेराफेरी पंचायत जिला संघर्ष समिति की तो यही मांग थी प्रशासन गांवों के संग शिविरों में पंचायतों में पट्टे देने का अधिकार पंचायतों को मिले। सरकार की नई अधिसूचना का अर्थ तो यह है कि पंचायतों के ये प्रस्ताव नियमानुसार कलक्टर के पास आएंगे और वहां निर्णय किए जाएंगे।
उदयपुर में तो पहले से कलक्टर के पास शक्तियां थी
वैसे उदयपुर में तो पहले से ही यह शक्तियां जिला कलक्टर के पास ही थी क्योंकि यूआईटी चेयरमैन भी वहीं है। अब तक पेराफेरी की पंचायतों को जमीन आवंटन से लेकर एनओसी देने का कार्य यूआईटी टस्ट्र की बैठक में चेयरमैन स्वयं जिला कलक्टर ही करते आए है। अब नए अधिकार से पेराफेरी के पट्टों को लेकर आ रही समस्याओं को लेकर पहले भी जिला कलक्टर एवं यूआईटी चेयरमैन को ही तय करना था। वैसे सरकार के स्पष्ट निर्देश अधिसूचना में आने के बाद अब पट्टों को लेकर काम इन पंचायतों में हो पाएगा। जब यूआईटी चेयरमैन के पद पर राजनीतिक नियुक्ति हो जाती है तब इस कार्य के लिए कलक्टर स्वतंत्र हो जाएंगे, अभी तो वे दोनों जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इधर, समिति के जिलाध्यक्ष बड़ी सरपंच मदन पंडित का कहना है कि सरकार ने हमारी मांग पर सुनवाई की है यह स्वागत योग्य है, लेकिन पेराफेरी की पंचायतों के पट्टों को लेकर आए आवेदनों को निस्तारण कर उनके हाथों में पट्टे मिले यह काम तेजी से हो।
यूआईटी पेराफेरी की पंचायतों की गणित
उपखंड कार्यालय.... पेराफेरी में शामिल राजस्व गांव
बडग़ांव.... 39
गिर्वा.... 61
मावली.... 23
वल्लभनगर.... 07
कुल.... 130
(मास्टर प्लान 2031 के अनुसार)
Updated on:
07 Jan 2022 10:42 am
Published on:
07 Jan 2022 10:40 am

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