
उदययुर.भरतपुर. भरतपुर न्यायालय ने एक पूर्व आरएएस अधिकारी पूरन चंद गुप्ता, आरएएस अधिकारी रामनिवास मेहता (डीटीओ जोधपुर) व नवलपुरा निवासी भगवान सहाय मीना को एक खातेदार की आराजी में अतिक्रमण कर फसल को नष्ट करने के आरोप में एक-एक वर्ष के साधारण कारावास से दंडित किया गया है। उसी दिन बाद में जमानत भी मिल गई। मेहता वर्तमान में यूआईटी सचिव के पद पर तैनात है। मामले को लेकर न्यायालय में इस्तगासा पेश किया गया। चालान पेश हुआ, जिसमें न्यायालय ने साक्ष्य लेने व दोनों पक्षों की बहस सुनी। न्यायालय भुसावर की न्यायिक मजिस्ट्रेट ममता सैनी ने रामनिवास मेहता, पूरनचंद गुप्ता, भगवान सहाय मीना को दोषी पाया गया। न्यायालय ने तीनों को एक-एक वर्ष का साधारण कारावास से दंडित किया गया है।
READ ALSO: उदयपुर। उदयपुर जिले में बर्ड विलेज मेनार के बुजुर्ग भी परिंदो के संरक्षण में आगे आये है । देशी विदेशी परिदों के आश्रयस्थल के रूप में विश्व विख्यात हुए मेंनार के दोनों जलाशयों पर देख रेख और इनके संरक्षण को लेकर युवाओ के साथ अब गाँव के बुजुर्गों पंचो ने ऐतिहासिक फैसला लिया है । गत दिवस ओंकारेश्वर चबुतरे पर हुई पंच मोतबिरो की बैठक में 50- 60 सालो से तालाब के खाली पेटे में चली आरही खरबूजे की बुवाई का ठेका नही देने का फैसला किया है । ये फैसला ग्रामीणों ने इसलिए लिया ताकि यहां तालाब के अंदर पक्षी परेशान ना हो । करीब 50 60 से भी अधिक सालो से खरबूजों और कड़की बौने के लिए 70 80 बीघा जमीन को ठेके पर दिया जाता था जिसका उपयोग गाँव के विकास कार्य मे उपयोग किया जाता था। लेकिन हाल में बर्ड विलेज के रूप में विख्यात हुए मेनार के जलाशयों पर पक्षी दर्शन के लिए आने वाले पर्यटको की संख्या में भी इजाफा हुआ । परिंदो की अठखेलियों में किसी प्रकार का खलल ना पड़े इस कारण ये ठेका इस साल से नही देने का निर्णय सर्व सहमिति से लिया गया ।
Published on:
25 Feb 2018 05:39 pm
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