
हमें नाज है....
भुवनेश पंड्या
उदयपुर. ओलम्पियन लिम्बाराम के साथ ही धूलचंद डामोर, श्यामलाल डामोर, स्व.जयंतीलाल ननोमा, धमेश्वर मइडा व नरेश डामोर ने तीरंदाजी में पूरी दुनिया में नाम किया है। जनजाति समाज के कई धर्नुधरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने सटीक निशाने से ढेरों पदक देश को दिलाए हैं। इनके अलावा एक नाम ऐसा है जो वर्तमान में गुमनामी में है, लेकिन उस शख्स से राजस्थान से पहला स्वर्ण पदक जीता था। डूंगरपुर जिले के जालुकुआं गांव के लालजी मेणात ने 80 के दशक में मध्यप्रदेश में हुई तीरंदाजी स्पर्धा में पहली बार स्वर्ण पर निशाना साधा था।
------
तीरंदाजी में बेटियां भी आगे- डूंगरपुर के माथुगामड़ा की कांता कटारा, ददोडिया की मेना कटारा, शरम गांव की लक्ष्मी भराड़ा, बिलड़ी की ऋ चा कटारा, मनीषा ननोमा, नव्या डामोर और टीना बंासवाड़ा जिले की चंद्रिका सहित कई अन्य बेटियां नेशनल मेडलिस्ट रही हैं।
------
ये है जनजाति योजनाएं...
- वन धन विकास योजना: जनजाति समुदाय द्वारा वन क्षेत्र में पैदा होने वाली लघु वन, कृषि, औषधीय तथा उद्यानिकी उपजों एवं अन्य उत्पादों का संग्रहण कर उनका मूल्य संवर्धन के द्वारा उचित मूल्य दिलवाये जाने के उद्धेश्य से जनजाति कार्य मंत्रालय भारत सरकार तथा ट्राईफेड के माध्यम से वन धन विकास कार्यक्रम वर्ष 2018.2019 में सम्पूर्ण भारत में लागू किया गया है।
- आश्रम छात्रावासों का संचालन: जनजाति छात्रछात्राएं उनके निवास स्थान के नजदीक वांछित स्तर का विद्यालय नहीं होने की स्थिति में उनके परिवारों की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण दूरदराज के विद्यालयों में अध्ययन जारी नहीं रख पाते हैं। अत: ऐसे छात्र.छात्राएं अध्ययन जारी रख सकें, इस उद्देश्य से विभाग द्वारा 372 आश्रम छात्रावास संचालित किये जा रहे हैं। इन छात्रावासों में 2500 रू प्रतिमाह प्रति छात्र.छात्रा की दर से नि:शुल्क आवासए भोजनए पोशाक एवं अन्य सुविधाऐं उपलब्ध करायी जाती है। आश्रम छात्रावासों में कार्यरत अधीक्षक एवं कोच को 15 प्रतिशत विशेष भत्ता एवं 10 प्रतिशत मकान किराया भत्ता दिया जा रहा है।
- आवासीय विद्यालय संचालन योजना- अनुसूचित क्षेत्र, माडा क्षेत्र तथा सहरिया क्षेत्र में छात्र.छात्राओं में शिक्षा के उन्नयन हेतु वर्तमान में विभाग द्वारा 13 आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। आवासीय विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों को 15 प्रतिशत विशेष भत्ता दिया जा रहा है। जिनकी छात्र.छात्रा क्षमता 2920 है।
- मॉडल पब्लिक रेजीडेन्शियल स्कूल संचालन- अनुसूचित क्षेत्र में मॉडल पब्लिक रेजीडेन्शियल स्कूल ढीकली, उदयपुर ;बालिका एवं सूरपुर जिला डूंगरपुर बालक का संचालन किया जा रहा है।दोनों स्कूलों की कुल क्षमता 700 छात्र.छात्रा है।
- एकलव्य मॉडल रेजीडेन्शियल पब्लिक स्कूल संचालन- अनुसूचित क्षेत्र में 14 माडा क्षेत्र में 6 एवं सहरिया क्षेत्र में 1 एकलव्य मॉडल रेजीडेन्शियल पब्लिक स्कूल का संचालन किया जा रहा है। स्कूलों की कुल प्रवेश क्षमता 7410 छात्र.छात्रा है।
- खेल छात्रावासों व खेल अकादमियों का संचालन- राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिस्र्पधाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 1 खेल अकादमी व 12 खेल छात्रावास संचालित किये जा रहे है। इनमें 6 बालक एवं 6 बालिकाओ हेतु खेल छात्रावास, खेल अकादमी है। जिनकी कुल प्रवेश क्षमता 875 छात्र-छात्राओं की है।
- खेल छात्रावास खेल अकादमी-सम्पूर्ण राज्य के कक्षा 6 से 12 वीं तक के जनजाति खिलाड़ी को प्रवेश दिया जाता हैं। - बहुउद्देशीय छात्रावासों का संचालन-राज्य की अनुसूचित जनजाति की छात्राएं जो दूर.दराज के क्षेत्र की निवासी है, एवं शहर में रहकर पीएचडी नीट, पीटीइटी, आईआईटी, एआईईईई, पीइटी व प्रशासनिक सेवाओं एवं अन्य उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु कमरा किराया लेकर अध्ययन करने में असमर्थ है। उन्हें नि:शुल्क आवासीय व भोजन की सुविधा उपलब्ध कराये जाने के प्रयोजनार्थ जिला मुख्यालय उदयपुर में 150 बालिकाओं की क्षमता एवं कोटा, डूंगरपुर, बांसवाडा व प्रतापगढ जिला मुख्यालय पर 100-100 बालिकाओं की क्षमता एवं बारां जिला मुख्यालय पर 50 छात्राओं की क्षमता वाले बहुउद्देशीय छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है।
- कॉलेज छात्रावासों का संचालन-अनुसूचित क्षेत्र के महाविद्यालयों में अध्ययनरत् छात्रध्छात्राएं जों दूर.दराज क्षेत्र की निवासी है एवं महाविद्यालय स्थल पर मकान किराये पर लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ है। 7 कॉलेज छात्रावासों का संचालन विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिनकी कुल छात्र क्षमता 350 छात्र-छात्राओं की है।
- आश्रम छात्रावासों में विशेष कोचिंग योजना-आश्रम छात्रावासों के कक्षा 6 से 12 वीं के छात्र.छात्राओं को आश्रम छात्रावास में ही विषय विशेषज्ञ के माध्यम से कठिन विषयों की कोचिंग कराई जाती है ताकि छात्र.छात्राऐं कठिन विषयों की अच्छी तैयारी कर अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हो सकें। कक्षा 10 वीं में अंग्रेजी, विज्ञान एवं गणित तथा कक्षा 12 में कला वर्ग में अनिवार्य अंग्रेजी व ऐच्छिक अंग्रेजी, वाणिज्य वर्ग में अनिवार्य अंग्रेजी तथा तीनों ऐच्छिक विषय तथा विज्ञान वर्ग में अनिवार्य अंग्रेजी तथा चारों ऐच्छिक विषयों की कोचिंग कराई जाती है।
-------
ये भी है योजनाएं-
- आश्रम छात्रावासों के छात्र.छात्राओं हेतु शैक्षणिक भ्रमण योजना
- छात्रगृह किराया योजना
- बोर्ड एवं विश्वविद्यालय में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण जनजाति प्रतिभावान छात्रों को छात्रवृत्ति
- जनजाति छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता
- जनजाति छात्राओं को उच्च माध्यमिक शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता
- पेयजल योजना
- जनजाति वर्ग के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों का नवीनीकरण एवं विकास
- जलोत्थान सिंचाई योजनाओं का निर्माण एवं बंद पड़ी जलोत्थान सिंचाई योजनाओं का पुनरोद्धार
- नहरो का सुदृढ़ीकरण विस्तार, जल संग्रहण संरचनाओं एनिकट निर्माण एवं पुनरोद्वार
- कुओ का विद्युतीकरण एवं विद्युत पंपसेट वितरण योजना
- जनजाति प्रतिभा खेल सम्मान समारोह आयोजन
- जनजाति बस्तियों को सेवा केन्द्रो से जोडऩा, सड़क एबं पुलिया सम्बंधित कार्य
- कौशल विकास प्रशिक्षण
- कोचिंग योजना
Published on:
09 Aug 2021 08:13 am
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
