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सावों पर कोरोना की दूसरी लहर का साया, नाइट कफ्र्यू ने भी बढ़ाई परेशानी

प्रशासन के पास अब तक 350 शादियों के लिए मांगी गई अनुमति, में देवउठनी एकादशी पर हैं 60-70 शादियां, बारातियों को देंगे मास्क व सेनेटाइजर्स

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केस 1 - 25 नवंबर को सुरेंद्र गुप्ता की बेटी की शादी है। कोरोना महामारी के कारण उन्होंने शादी में आने वाले मेहमानों की संख्या पहले ही सीमित कर दी। प्रीतिभोज में जिन्हें निमंत्रण दिया है, उन्हें शादी का कार्ड अनिवार्य रूप से रख कर लाने या उसका फोटो साथ रखने के लिए वॉट्सएप मैसेज कर दिया ताकि किसी को परेशानी ना हो।

केस 2 - 27 नवंबर को एसएस अग्रवाल के बेटे का ब्याह है और बारात दूसरे शहर जानी है। नाइट कफ्र्यू लगने से उनकी परेशानी बढ़ गई है क्योंकि जहां जाना है वहां भी नाइट कफ्र्यू है। ऐसे में उन्होंने समय का पूरा ध्यान रखने के लिए हिदायत दी है और बारातियों की संख्या बिल्कुल सीमित कर दी है।

केस 3 - देवउठनी एकादशी पर अपनी बेटी के हाथ पीले करने जा रहे राजेंद्रसिंह ने कोरोना को देखते हुए शादी स्थल पर सभी व्यवस्था कराई है। मेहमानों को सेनेटाइजर्स अनिवार्य रूप से दिए हैं। वहीं, रिसेप्शन भी रात के बजाय सुबह का कर दिया है ताकि किसी को दिक्कत ना हो।


उदयपुर. अप्रेल से जून तक की शादियों पर कोरोना महामारी का साया था और संपूर्ण लॉकडाउन के कारण शादियां नवंबर-दिसंबर तक टाल दी गई। अब देवउठनी एकादशी से एक बार फिर शहनाइयां गूंजने वाली हैं। प्रशासन के पास अब तक 350 शादियों के लिए अनुमति मांगी गई है और देवउठनी एकादशी के अबूझ मुहूर्त पर तो करीब 60-70 शादियां हैं। लेकिन, एक बार फिर इन शादियों पर कोरोना की दूसरी लहर का साया मंडरा रहा है, वहीं, नाइट कफ्र्यू के कारण भी शादियों वाले घरों में लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। गौरतलब है कि राज्य में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बाद राज्य सरकार ने उदयपुर समेत कई जिलों में रात आठ से सुबह छह बजे तक नाइट कफ्र्यू की घोषणा की है।

परेशानी में पड़े लोग, तलाश रहे विकल्प
वैसे, गाइडलाइन में शादी में आने-जाने वालों, मेडिकल सुविधाएं और यात्रियों को इससे पूरी तरह छूट दी गई है, लेकिन रात्रिकालीन कफ्र्यू लगने से जिन घरों में विवाह होना है, वे परेशानी में पड़ गए हैं। इसकी वजह यह है कि लोग निमंत्रण पत्र बांट चुके हैं और प्रीतिभोज का समय रात 8 बजे से लिख चुके हैं, जबकि अब वे असमंजस में हैं कि समय में बदलाव करें या नहीं, जिससे समारोह में आने वाले लोगों को परेशानी ना उठानी पड़ी। वहीं, मैरिज गार्डन व हॉल में भी देर रात तक शादी की रस्में व फे रे होते हैं। विवाह कराने वाले कई पंडित, केटरिंग व हलवाई आदि को भी देर रात घरों पर लौटना होगा। ऐसे में कई लोगों ने इन परेशानियों का विकल्प निकालते हुए मेहमानों की लिस्ट छोटी कर दी है तो कई दिन में खाना करने का प्लान कर चुके हैं, जिससे किसी को परेशानी ना हो। वहीं, कई लोगों ने मेहमानों को शादी का कार्ड मोबाइल में ही सेव रखने के लिए कहा है ताकि किसी तरह की परेशानी आने पर वे शादी का निमंत्रण कार्ड दिखा सके।


बारातियों का स्वागत मास्क व सेनेटाइजर्स से

जिन घरों में शादियां हैं उन्हें कोरोना संक्रमण का खतरा भी सता रहा है। शादी में कई मेहमान आएंगे, इनमें कोई शहर के बाहर से हों। ऐसे में सभी ने विशेष इंतजाम किए हैं। कई लोग बारातियों का स्वागत मास्क व सेनेटाइजर्स से करेंगे तो कइयों ने बारातियों के लिए और आने वाले मेहमानों के लिए हमेशा परंपरा के अनुसार कंघी, तेल, साबुन व अन्य जरूरत के सामान के साथ मास्क व सेनिटाइजर्स भी रखे हैं।