
अभिषेक श्रीवास्तव
जब से नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया असम के राज्यपान मनोनीत हुए हैं, तब से उदयपुर में राजनीतिक पारा कुछ ज्यादा ही चढ़ गया है। सूरज की तपीश के साथ ही चर्चाओं में शहर विधायक के पद की गर्मी है। दोनों दलों के एक दर्जन से अधिक दावेदारों की ओर से राजनीतिक चूल्हे पर खयाली पुलाव पकाने के लिए रख दिया गया है। दरअसल, गुलाब चंद कटारिया विधानसभा से इस्तीफा देकर उदयपुर पहुंचे। यहां अचानक उनके करीब पहुंचने की सियासी बाढ़ सी आ गई। जिनकी राजनीति ही उनके खिलाफ रही, वे भी कहीं न कहीं उनके खास बनने को आतुर दिखे। इन सब के बीच एक गदा चर्चा में आ गया। हुआ यूं कि कटारिया को एयरपोर्ट पर एक भाजपा नेता ने गदा भेंट की। इस गदे को कटारिया ने उस भाजपा नेता के साथ ही एक दूसरे नेता को सामूहिक रूप से सौंपकर संगठन को आगे बढ़ाने का आश्वासन लिया। फिर क्या था इसका प्रचार-प्रसार ऐसे किया गया, जैसे कटारिया ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया हो। कांग्रेस भी अब इस सीट पर उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है। कई नए दावेदार सामने आ रहे हैं।
उधर, बजट के बाद से राजसमंद में सियासी आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। सियासी गलियारों में आरोप लगाए जा रहे हैं कि राजसमंद के हिस्से की चीजें विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के नाथद्वारा को दी जा रही हैं। तमाम मसलों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लेकर आक्रोश नजर आ रहा है।
उधर, वागड़ के बीटीपी वाले क्षेत्र में कांग्रेस व भाजपा सक्रिय है। दो सप्ताह पहले पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के दौरे के बाद पिछले सप्ताह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. सतीश पूनिया दौरे पर आए और मुख्यमंत्री गहलोत को निशाने पर लेते हुए कहा भाजपा मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी। डूंगरपुर सांसद कनकमल कटारा क्रिकेट प्रतियोगिता करवा कर कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को वागड़ लेकर आए। कांग्रेस भी पूरी ताकत यहां लगा रही है। मुख्यमंत्री के बाद अब यूडीएच मंत्री धारीवाल सहित करीब चार मंत्रियों ने सागवाड़ा में नगर पालिका के लोकार्पण समारोह में गहलोत की प्रशंसा कर जनता से सरकार को रिपीट करने के लिए कहा।
Updated on:
23 Feb 2023 07:22 pm
Published on:
23 Feb 2023 07:21 pm
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