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Wildlife organs smuggling: तेंदुए का शिकार कर उतारी खाल, गोगुंदा क्षेत्र से चार खालें बरामद

Wildlife organs smuggling: खाल बेचने की सूचना पर पहुंची एटीएस टीम, तस्कर गिरफ्तार, सिरोही से तार जुड़े होने के संकेत

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Wildlife organs smuggling: जयपुर एटीएस की टीम ने उदयपुर के गोगुन्दा में बड़ी कार्रवाई की है। यहां तेंदुए की खाल बेचने के मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी से वयस्क तेंदुए की दो और दो शावक की खाल बरामद की गई है। तस्कर के तार सिरोही से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।

एसओजी-एटीएस के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि एक व्यक्ति के क्षेत्र में तेंदुए की खाल बेचने की सूचना मिली थी। पिंडवाडा हाइवे पर मजावड़ी गांव के रास्ते पर आरोपी ओगणा थानान्तर्गत आम्बा पड़ावली खुर्द निवासी चुनाराम उर्फ सुनील पुत्र धन्ना गमेती को दबोचा गया। उससे प्लास्टिक के कट्टे में पैंथर की चार खालें और बाइक बरामद की है। टीम में एटीएस के सीआइ अमित कुमार शर्मा सहित चार जने जयपुर से आए, वहीं उदयपुर एटीएस और गोगुन्दा थाने की टीम भी मौजूद रही।

नेटवर्क को लेकर पूछताछ

सामने आया कि आरोपी तेंदुए का शिकार कर उसकी खाल उतारकर बेचने की फिराक में था। मजावड़ी के रास्ते पर स्थित एक होटल के पास कार्रवाई की गई। आरोपी पुलिस टीम को देखकर भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसे बड़ी मशक्कत के बाद काबू में लिया। तेंदुए के शिकार करने और गिरोह में शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

वन विभाग में ही करता काम

सामने आया कि आरोपी चुनाराम उर्फ सुनील गमेती वन विभाग में ही दिहाड़ी मजदूरी करता रहा है। ऐसे में उसकी गतिविधियों पर किसी को संदेह नहीं हुआ। तस्करी में वन विभागीय कार्मिकों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। संभवतया पैंथर की खालें बेकरिया की ओर से लाया जाना बताया जा रहा है।

सात घंटे चली कार्रवाई और पूछताछ

तस्कर के पास पैंथर की खाल होने की सूचना पर एटीएस टीम ने उदयपुर पुलिस को जानकारी दी। एसपी विकास शर्मा के निर्देश पर गोगुन्दा थाना पुलिस भी टीम के साथ मौके पर पहुंची। दोपहर करीब 3.30 बजे कार्रवाई शुरू की गई। आरोपी को दबोचने के बाद पूछताछ का क्रम रात 11 बजे तक चला। अब जयपुर एसओजी थाने में मुकदमा दर्ज होगा, जहां आरोपी को ले जाया जाएगा।