19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उदयपुर में जल्‍द दिखेंगे जूनागढ के शेर

इसी साल फरवरी माह में जूनागढ़ से दो शेर ( नर व मादा का एक जोड़ा) उदयपुर लाने की मंजूरी मिली थी।

2 min read
Google source verification
lion_.jpg

Lion in forest

उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में तैयार हो रही लॉयन सफारी में जुलाई के बाद शेरों की दहाड़ सुनाई देगी। इसके लिए एनक्लॉजर निर्माण का काम तेज गति से चल रहा है। माना जा रहा है कि जुलाई तक लॉयन सफारी के लिए एनक्लॉजर बनकर तैयार हो जाएंगे। इसके बाद गुजरात के जूनागढ़ से शेर का जोड़ा यहां लाया जाएगा।

इसी साल फरवरी माह में जूनागढ़ से दो शेर ( नर व मादा का एक जोड़ा) उदयपुर लाने की मंजूरी मिली थी। जिसके बाद शेरों को रखने के लिए एनक्लोजर सहित अन्य आवश्यक कार्यों की निविदा प्रक्रिया पूरी की गई। पहले एनक्लोजर निर्माण में करीब एक साल का समय लगने का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन जिस गति से यह कार्य चल रहा है। उससे इस कार्य के जुलाई तक पूरा होने की संभावना है। इसके बाद ही जूनागढ़ से शेर के जोड़े को यहां लाया जाएगा।वन विभाग की ओर से 3.45 करोड़ के बजट से लॉयन सफारी तैयार की जा रही है। जिसमें 26 हेक्टेयर में एक एनक्लॉजर बनाया जा रहा है। जिसमें शेर का हॉल्डिंग एरिया और दर्शकों के लिए डिस्प्ले एरिया शामिल होगा। पिछले करीब पांच साल से चल रही इस मशक्कत के तहत पहली सफलता तब मिली, जब जूनागढ़ (गुजरात) से शेर के एक जोड़े को लाने की मंजूरी केंद्रीय चिडि़याघर प्राधिकरण से प्राप्त हुई। हालांकि विभाग विभाग की ओर से आठ शेर रखने की क्षमता के अनुसार एनक्लोजर बनाया जा रहा है। जुलाई के बाद जब शेर का पहला जोड़ा यहां आ जाएगा, उसके बाद इनका कुनबा बढ़ाने के लिए अन्य चिडि़याघरों से और शेर जाए जाएंगे। विभाग चाहता है कि जहां से भी मिले स्वस्थ शेर मिले, ताकि उन्हें सफारी में लम्बे समय तक रखा जा सके। जूनागढ़ से शेर का पहला जोड़ा छह माह की अवधि में उदयपुर लाने की मंजूरी दी गई थी।

भविष्य में टाइगर सफारी की भी योजना

बायोलॉजिकल पार्क में भविष्य में टाइगर सफारी बनाने की भी योजना है। यहां लॉयन और टाइगर सफारी के लिए करीब छह साल पहले प्रस्ताव केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण को भेजे गए थे। जिन्हें अप्रेल 2023 में मंजूरी मिली थी। इसके तहत 26 हेक्टेयर में टाइगर सफारी भी प्रस्तावित है। जिसकी अनुमानित लागत 3.8 करोड़ रुपए हैं। लेकिन विभाग लॉयन सफारी के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रहा है। टाइगर सफारी के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।

बायोलॉजिकल पार्क के पीछे खुले में घूमते दिखेंगे शेर

लॉयन सफारी बायोलॉजिकल पार्क के पीछे की ओर तैयार की जा रही है। जहां बाड़े में शेर खुले में घूमते देखे जा सकेंगे। इसके लिए बॉयोलॉजिकल पार्क के अलावा अलग से टिकट होगा। जिसकी टिकट दरें वन विभाग की कमेटी बाद में तय करेगी।

सज्ज्नगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के पीछे ओर लॉयन सफारी के लिए एनक्लोजर बनाने का कार्य तेज गति से चल रहा है। उम्मीद है कि जुलाई तक यह कार्य पूरा हो जाएगा। जूनागढ़ से शेर का जोड़ा लाने की मंजूर सेंट्रल जू ऑथोरिटी से पहले ही मिल चुकी है। एनक्लोजर निर्माण पूरा होते ही शेर का जोड़ा यहां लाया जाएगा।

- देवेंद्र कुमार तिवारी, उपवन संरक्षक (वन्यजीव)