
उदयपुर. कोरोना महामारी से जंग लडऩे में साइकिल एक कारगर हथियार की तरह काम आ सकती है। डॉक्टर्स के अनुसार, प्रतिदिन 20 मिनट साइकिल चलाकर इम्युनिटी बूस्ट करने के साथ तमाम बीमारियों से बचा जा सकता है। ये बात तमाम अध्ययनों में भी सामने आ चुकी है कि साइकिल चलाने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है, इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। वहीं, इसका एक अन्य फायदा पर्यावरण को भी है। उदयपुर में कई लोग साइकिल चलाने के प्रति पहले से ही जागरूक हैं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं। वहीं, उदयपुर नगर निगम भी साइकलिंग को प्रमोट करता रहा है।
3 साल पहले साइकलिंग क्लब की शुरुआत और जुड़ते गए लोग
उदयपुर साइकलिंग क्लब के फाउंडर नितेश टांक ने बताया कि उन्होंने 3 साल पहले फाउंडर सदस्यों सुमित शर्मा, विकास खंडेलवाल के साथ मिलकर क्लब की शुरुआत की थी। उन्हें साइकलिंग का खूब शौक है और उदयपुर की सडक़ें उसी के अनुरूप थीं। उदयपुर में साइकलिंग को प्रमोट करने के लिए ये शुरू किया। देखते ही देखते उनके साथ कई और साइकिल लवर्स जुड़ गए। अब क्लब में करीब 70 सदस्य है, जो कि हर उम्र के हैं। क्लब के सदस्य अब तक साइकिल से जोधपुर, जवाई, माउंट आबू, जैसलमेर रणकपुर तक की यात्रा कर के आ चुके हैं। वहीं, हर संडे नाथद्वारा, मावली, फतहनगर तक यात्रा करते हैं।
साइकिल से नापी थी हिमालय की ऊंची पहाडिय़ां
उदयपुर साइकलिंग क्लब के साइक्लिस्ट डॉ. शरद आयंगार और कैलाश जैन ने पिछले साल साइकिल से हिमालय की ऊंचाइयां नापी थीं। वे आज भी ये याद कर रोमांच से भर उठते हैं। वे बताते हैं कि हिमाचल के मनाली से लेह और वहां से खारदुंगला पास की यात्रा साइकिल पर शुरू की थी। यात्रा के दौरान 550 किमी व 6 पहाडिय़ों को पार करना पड़ा। पूरे 9 दिन की कड़ी मेहनत से तेज चढ़ाई व तीव्र ढलानों का सामना करने के बाद लद्दाख की राजधानी लेह पहुंचे थे। ये उनके लिए जीवन के यादगार क्षण थे। वे आगे भी इस तरह की रोमांचक यात्रा साइकिल पर करना चाहते हैं।
नियमित रूप से करते हैं साइकलिंग
साइकिल लवर लवदेव बागड़ी नियमित फतहसागर पर साइकिल चलाते हैं। हर रविवार को 60 से 80 किलोमीटर की राइड ग्रुप में करते हैं। उन्होंने बताया कि वे 5 वर्षों से साइकलिंग कर रहे हैं। लगभग 7000 किलोमीटर साइकिल चला चुके हैं। इसी तरह आयरनमैन जीतेन्द्र पटेल साइकलिंग में कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। वे उदयपुर के अल्ट्रा साइकलिस्ट हैं और कई नेशनल व इंटरनेशनल इवेंट्स में पार्टिसिपेट कर चुके हैं। लॉक डाउन में भी उन्होंने इंडोर स्मार्ट ट्रेनर पर 48 घंटे साइकलिंग कर के 951 किमी. पूरे किए। इसी तरह डॉ. प्रदीप कुमावत भी साइकिल लवर्स में से एक हैं, जो भी नियमित साइकलिंग करते हैं और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं।
Published on:
03 Jun 2020 05:33 pm
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