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वर्ल्‍ड स्‍लीप डे – अब नहीं आती सुकून की नींद, वजह है टेक्नोलॉजी और ब‍िगड़ी लाइफस्टाइल

world sleep day वो मेरी नींद, मेरा चैन मुझे लौटा दो... बिगड़ी स्लीप एंड वेक साइकल, पूरी नींद नहीं लेने से हो रहे बीमारियों का शिकार

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Sleep

मधुल‍िका स‍िंंह/उदयपुर. world sleep day क्या आपको याद है कि आखिरी बार चैन की नींद कब सोए थे या 8 घंटे की पूरी नींद कब ली थी। इस सवाल का जवाब बहुत से लोग नहीं दे सकते क्योंकि आज की दौड़भाग की और टेक्नोलॉजी से लैस जिंदगी ने नींद के घंटों को कम कर दिया है। बात बच्चों की करें या फिर युवाओं की, सभी नींद ना आने की बीमारी के शिकार होते जा रहे हैं। इससे उनकी सेहत पर भी असर हो रहा है। एक अच्छी नींद क्यों जरूरी है और कैसे बेहतर नींद ली जा सकती है, जिससे दिमाग, शरीर और मन सभी स्वस्थ्य रहे। इस बारे में world sleep day वल्र्ड स्लीप डे के अवसर पर पढि़ए पत्रिका प्लस की ये विशेष रिपोर्ट-

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स्लीप एंड वेक साइकल डिस्टर्ब

एमबी हॉस्पिटल में मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील खेराड़ा के अनुसार आजकल लोगों की स्लीप एंड वेक साइकल पूरी तरह डिस्टर्ब हो चुकी है। ये साइकल दिन और रात से कंट्रोल होता है। दिन में लोग काम करते हैं और रात में भी काम या फिर मोबाइल यूज करते हैं। ऐसे में जब सोने के समय पर सोएंगे नहीं तो उठने के समय उठ नहीं पाएंगे और उठ गए तो आलस और कम ऊर्जा हावी रहेगी। ये अगर रूटीन रहता है तो लोग बीमारी से ग्रसित होने लगते हैं। एमबी चिकित्सालय में इस तरह के कई मरीज आते हैं, जिन्हें स्लीप डिसऑर्डर है। वहीं, कई लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें बिस्तर में जाने पर बहुत देर तक नींद नहीं आती है, किसी की नींद बार-बार टूट जाती है और किसी की नींद जल्द खुल जाती है। ये सभी अलग-अलग बीमारी को इंडिकेट करता है, जिसमें एंजाइटी, मनोरोग शामिल हैं। दरअसल, नींद बॉडी को ही नहीं, माइंड को भी रेस्ट देती है। ये एनर्जी के लिए, मेमोरी के लिए और लर्निंग के लिए भी जरूरी है। इसी तरह सपने भी जरूरी होते हैं। ये सब एक पूरी साइकिल है, जो डिस्टर्ब नहीं होनी चाहिए। एक सामान्य व्यक्ति को 6 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए। अगर वो इससे कम लेता है और ज्यादा भी लेता है तो भी बीमारी का शिकार हो सकता है।
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इसलिए मनाया जाता है
वल्र्ड स्लीप डे हर साल 15 मार्च को मनाया जाता है। इसे वल्र्ड स्लीप डे कमेटी ऑफ द वल्र्ड स्लीप सोसाइटी की ओर से आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को नींद की समस्याओं के बोझ से छुटकारा दिलाना और नींद की गड़बडिय़ों को लेकर लोगों को जागरूक करना होता है। वैसे तो नींद सभी को प्यारी होती है और इसके कई फायदे भी हैं।

़बेहतर नींद के लिए अपनाएं ये उपाय
- सोने और जगने का वक्त तय कर लें। जब तक बहुत जरूरी न हो, इसमें कोई बदलाव न करें। इससे आपको सही वक्त पर नींद आएगी और खुलेगी।

- सोने के वक्त से 4-6 घंटे पहले तक शराब का सेवन न करें। ज्यादातर लोगों को लगता है कि शराब पीने से उन्हें अच्छी नींद आएगी।
- सोने जाने से पहले कॉफी नहीं पिएं। सोने के वक्त से 4-6 घंटे पहले तक कैफीन वाली दूसरी चीजें- चाय, सोडा, चॉकलेट ड्रिंक आदि से भी बचें।

- नियमित तौर पर कसरत करें, लेकिन सोने से ठीक पहले ऐसा नहीं करें।
- शरीर के हिसाब से आरामदायक बिस्तर पर सोएं। बिस्तर की वजह से नींद में बाधा आती हो तो बदलाव करें।

- सोने से पहले गर्म दूध पी सकते हैं। केले भी खा सकते हैं। इससे नींद अच्छी आएगी।
- सोने से पहले तनावमुक्त होने का प्रयास करें। गहरी सांस लें, प्राणायाम करें।

- सोने से पहले हल्के गर्म पानी से स्नान कर सकते हैं। कुछ देर किताबें पढ़ सकते हैं।
- ज्यादातर लोग टीवी देखते-देखते सो जाते हैं। ऐसी गलती न करें। बेहतर यह है कि टीवी बेडरूम में रखा ही न जाए।


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