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मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगे थे 25 लाख, अब कोर्ट ने सुनाई एतिहासिक सजा

मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर धोखा, 2 आरोपी को 5-5 वर्ष कैद। इंदौर के आरोपियों ने 25 लाख, 3.70 लाख एडमिशन फीटर और कॉशन मनी के 50 हजार रुपए ठगे थे, कोर्ट ने 6 लाख रुपए का आर्थिक दंड भी सुनाया।

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मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगे थे 25 लाख, अब कोर्ट ने सुनाई एतिहासिक सजा

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के अंतर्गत आने वाले आगर रोड पर स्थित आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट ने प्रदीप कुमार पिता दीनानाथ प्रसाद कुर्मी, निवासी-इंडस सेटेलाइट ग्रीन बी-24, इंदौर और विशाल कुमार उर्फ विक्की पिता सुमन कुमार श्रीवास्तव, निवासी- वसुंधरा वैभव नगर रूम नंबर 2 फर्स्टफलोर कनाड़िया रोड, इंदौर को पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास और 6 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

मामले को लेकर उप-संचालक अभियोजन डॉ. साकेत व्यास ने बताया कि, फरियादी मो. हाशिम की पुत्री सानिया के आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी हुई थी। उनकी पुत्री सानिया के मोबाइल पर राकेश नामक व्यक्ति का फोन आया था। उसने छात्रों से डोनेशन लेकर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलवाने की बात कही। इस पर राकेश ने 25 लाख रूपए डोनेशन, 3.70 लाख रूपए एक साल की फीस और पचास हजार रुपए कॉशनमनी लगना बताया था और कहा था कि, उज्जैन के आर्डी गार्डी कॉलेज में प्रवेश करवा देगा।

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इस तरह की 25 लाख की ठगी

राकेश के बुलाने पर मोहम्मद हाशिम अपने परिचित बद्रीलाल और अनिल कुमावत, इमदाद बेग के साथ 1 अक्टूबर 2013 की सुबह 10.30 बजे आर्डी गार्डी कॉलेज पहुंचे। यहां आरोपी राकेश ने फरियादी को को एक व्यक्ति से मिलवाया। वो उन्हें कॉलेज के अंदर ले गया और डॉ. अनिल जैन से मिलवाया। मोहम्मद हाशिम ने डॉ. जैन से एडमिशन का प्रूफ मांगा। उसके द्वारा एक व्यक्ति जो खुद का डॉक्टर का सहायक बताया मिला और उनसे 25 लाख रुपए नकद लिए।

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इंटरव्यू के लिए कहा, फिर कर लिया स्विच ऑफ

इसके बाद इनके बीच बातचीत होती रही। बाद में डॉ. अनिल जैन ने के कहने पर 12 अक्टूबर 2013 को 50 हजार रुपए नकद कॉशनमनी के जमा कराने पहुंचे। यहां कॉलेज की सील वाली रसीद मांगने पर रुपए देने की बात कही तो डॉ. जैन ने कॉलेज बंद होने तथा 16 तारीख को इंटरव्यू पर आने को कहा। इस पर मो. हाशिम ने अपने पैसे वापस मांगे तो डॉ. अनिल जैन ने डॉ. महाडिक से मिलाने की बात की। इसके बाद सभी ने अपना मोबाइल स्विच आफ कर लिया। बाद में जब एडमिशन पत्र को ध्यान से देखा तब ज्ञात हुआ कि, वो फर्जी होकर उसमें कॉलेज के डायरेक्टर का नाम गलत लिखा है। चिमनगंज मंडी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान पेश किया। अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर न्यायालय ने आरोपियों को सजा सुनाई।

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