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300 पेज की रिपोर्ट पेश करेगा महाकाल प्रशासन

महाकाल मंदिर प्रशासन जल्द ही लोकायुक्त को करीब 300 पेज में 5 साल का रिकॉर्ड पेश करेगा। 1 जून को पत्र जारी कर मंदिर प्रशासन से करीब 20 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी।

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Gwalior Online

Jun 06, 2015

Mahakal temple Ujjain

Mahakal temple Ujjain

उज्जैन। महाकाल मंदिर प्रशासन जल्द ही लोकायुक्त को करीब 300 पेज में 5 साल का रिकॉर्ड पेश करेगा। 1 जून को पत्र जारी कर मंदिर प्रशासन से करीब 20 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल मंदिर के हर विभाग को पत्र भेजा है और जानकारी लेकर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन विशेष रूप से 8 बड़े बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने में लगा है। हालांकि मंदिर प्रशासन को मंदिर में किए गए छोटे निर्माण कार्य और नियुक्ति को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने में परेशानी आ सकती है। इधर, प्रशासक जयंत जोशी ने बताया हमारे सभी विभागों के पास 10 वर्ष का डाटा है। रिपोर्ट पेश करने में कोई परेशानी नहीं है। पर्जन्य अनुष्ठान की तैयारी चल रही है। पर्जन्य अनुष्ठान के बाद ही रिपोर्ट पेश की जाएगी।

रिपोर्ट में यह बिंदु हो सकते हैं विशेष

1. मंदिर में हुए छोटे-बड़े निर्माण कार्य

महाकाल मंदिर में 5 वर्षों में कई छोटे बड़े निर्माण कार्य किए गए हैं। बड़े कार्यों को लेकर तो प्रशासन के पास टेंडर से लेकर हर वस्तुस्थिति की जानकारी है, लेकिन कई ऐसे छोटे कार्य किए हैं, जिसमें प्रशासन को बिल से लेकर हर चीज में परेशानी होगी।

2. कर्मचारियों की नियुक्ति

मंदिर में 5 साल में कई कर्मचारी नियुक्त किए गए। इनमें से कई कर्मचारी स्थाई तो कई सिर्फ मंदिर में होने वाले विशेष महापर्व के समय नियुक्तकिए गए थे। मंदिर में इनकी नियुक्तिका आधार और किसके माध्यम से नियुक्तकिया गया है इन सबकी जानकारी दी जाएगी। नियुक्ति के मामले को लेकर कई बार ऑडिट विभाग की ओर से भी आपत्ति रखी गई है। हालांकि मंदिर में कार्य करने के लिए हजारों की संख्या में लोगों के आवेदन आए हुए हैं।

3. पांच साल में कितने यात्री ठहरे

मंदिर की पं. सूर्यनारायण व्यास धर्मशाला व महाकाल धर्मशाला में पांच वर्ष में कितने यात्री ठहरे, इसकी भी जानकारी दी जाएगी। मंदिर में साल दर साल धर्मशाला में रुकने वाले यात्री और इनसे हुई आय का डाटा मंदिर प्रशासन के पास है।

4. विशेष दर्शन और प्रसाद विक्रय

मंदिर में 5 साल में विशेष दर्शन पास से हुई आय की अपडेट जानकारी मंदिर समिति के पास है। लड्डू प्रसादी के विक्रय को लेकर भी समिति पूरी तरह अपडेट है।

5. कोठार विभाग में रखे आभूषण

मंदिर के कोठार विभाग में बाबा महाकाल के आभूषणों को रखा जाता है। मंदिर में सोना, चांदी के आभूषण भी यहीं रखे जाते हैं। कोठार विभाग के पास विगत 5 वर्ष में आए दान का तो हिसाब मिल जाएगा, लेकिन इसके पूर्व में दान में स्वर्ण आभूषणों की जानकारी विभाग के पास संभवत: नहीं होगी। इसे लेकर कोठार विभाग को रिपोर्ट देने में परेशानी आ सकती है।

6. अन्नक्षेत्र में आने वाला दान और खर्च

मंदिर की ओर से संचालित अन्नक्षेत्र में कई श्रद्धालु अन्नदान करते हैं। अन्नदान के स्टॉक तथा अन्नक्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी की जानकारी भी विभाग के पास है।

7. वाहन और इसके संचालन

मंदिर की ओर से में शव वाहन, एम्बुलेंस, बस व लोडिंग मैजिक चल रही है। इन सभी में ज्यादातर वस्तुएं दानदाता द्वारा भेंट की गई है। सवाल उठता है इसका संचालन तो मंदिर की धर्मशाला के प्रभारी की देखरेख में ही किया जाता है। शासकीय मंदिर होने से इसमे लगने वाला ईंधन कहां से भराया जाता है, यह सवाल विभाग को कुछ परेशानी दे सकता है।

8. मंदिर का आधुनिकीकरण

5 वर्षों में मंदिर को हाईटेक किया गया है। दर्शन सुविधा से लेकर भस्मारती बुकिंग सुविधा ऑनलाइन की गई है। लेकिन इसके पीछे किए गए खर्च और इसमें लगने वाले उपकरण की खरीदी को लेकर परेशानी आ सकती है।