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सावन महीना 59 दिनों का, 16 अगस्त को समाप्त हो रहा अधिकमास

बाबा महाकाल की सावन-भादौ महीने में निकलने वाली सवारी का इंतजार सारा संसार करता है। जब गाजे-बाजे के साथ महाकालेश्वर भगवान अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए निकलते हैं।

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Adhikamas starts from 18th July and ends on 16th August

बाबा महाकाल की सावन-भादौ महीने में निकलने वाली सवारी का इंतजार सारा संसार करता है। जब गाजे-बाजे के साथ महाकालेश्वर भगवान अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए निकलते हैं।

उज्जैन. भगवान महाकाल के आंगन से 19 वर्ष बाद दस सवारियां निकलेंगी। प्रतिवर्ष छह अथवा सात सवारियां निकलती हैं। आठवीं, नौवी और दसवीं शाही सवारी में शामिल करने के लिए नए रथ दानदाताओं के माध्यम से मंदिर समिति को प्राप्त हुए हैं। वहीं नए रथ पर विराजित होकर सवारी में निकलने वाले भगवान के तीन नए मुखारविंद तय हो गए हैं। इस बार शाही सवारी का स्वरूप बड़ा रहेगा। जिसमें भगवान के कुल दस स्वरूपों के दर्शन भक्त करेंगे।

बाबा महाकाल की सावन-भादौ महीने में निकलने वाली सवारी का इंतजार सारा संसार करता है। जब गाजे-बाजे के साथ महाकालेश्वर भगवान अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए निकलते हैं। भक्त भी उनकी मनमोहक छवि के दर्शन कर रोमांचित हो उठते हैं। इस बार 19 सालों के बाद अधिक मास का योग बना है। इसके चलते बाबा महाकाल की कुल 10 सवारियां निकलेंगी। इनमें अधिक मास की चार, सावन की चार और भादौ की दो सवारियां मिलाकर भक्त कुल 10 सवारियों का आनंद ले सकेंगे। इस बार सावन महीने में अधिकमास होने से सावन का महीना 4 जुलाई से शुरू होकर 31 अगस्त तक रहेगा। अधिकमास 18 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त को समाप्त होगा। अधिक मास के दिन भी जुड़ जाने के कारण सावन महिना 59 दिनों का होगा। जिसमें आठ सोमवार रहेंगे। बताया गया कि इसके पहले वर्ष 2004 में सावन महीने में अधिकमास होने की स्थिति बनी थी। महाराष्ट्रीयन कैलेंडर के अनुसार अमावस्या से अमावस्या तक श्रावण मास माना जाता है। इसीलिए भादौ महीने के दो सोमवार को भी सवारी निकाली जाती है।