
water,hand pump,nagda news,Bargaon,
अरविंद बुड़ावनवाला. खाचरौद. तहसील मुख्यालय से 14 किमी दूर स्थित बड़ागांव के नागरिक अपनी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पांच हजार की आबादी वाले इस ग्राम के नागरिक पीने के पानी से वंचित हैं।
इसी से इस गांव की दुर्दशा का अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि ग्राम में अन्य सुविधाएं कैसी होगी ? ग्राम के नागरिक पीने के पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हो उसके ग्राम में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य आदि अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इस गांव में कहने को तो 30 हैंडपंप हैं, यह सभी रूक-रूककर पानी दे रहे है। जिससे ग्रामीणों को पेयजल के लिए दो से तीन किमी का सफर तय कर पानी का जुगाड़ करना पड़ रहा है।
...फिर भी प्यासे
ग्राम से तीन किमी दूरी पर स्थित चंबल नदी पर एक डैम बना हुआ हैं और वहीं से दो किमी आगे अतिप्राचीन सुप्रसिद्ध सागोती माता मंदिर के पास गहरा डोज बना हुआ हैं, जिसमें १२ महिनें पानी रहता हैं। अगर वहां से पाइप लाइन डालकर गांव में पेयजल सप्लाई किया जाता हैं तो ग्रामीणों को आसानी से पेयजल उपलब्ध हो सकता है।
निजी ***** से पिला रहे है पानी : जब संवाददाता ने ग्राम में जाकर ग्रामवासियों से चर्चा की तो उन्होने सभी स्थिति के बारे में बताते हुए कहा कि ग्राम के राजपालसिंह चंद्रावत, बद्रीलाल चौधरी, भंवरसिंह मेहताबसिंह डोडिया एवं भगवानसिंह कामदार द्वारा अपने खेत में लगे ***** से ग्राम में पाइप लाइन डालकर पानी पिलाया जा रहा है। इसके बाद जब हमारे ***** मालिक राजपालसिंह चंद्रावत से चर्चा की तो उन्होने बताया कि गांव में पानी की कमी को देखते हुए २.५ किमी दूर स्थित ***** से पाइप लाइन डालकर ग्राम में पानी पिलाया जा रहा हैं। परंतु आगामी भीषण गर्मी में यह ***** भी जवाब दे सकते है, ऐसे में फिर ग्रामवासियों को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
नहीं हुई टंकी की मरम्मत
शासन द्वारा विगत 8 वर्ष पूर्व ग्राम में पेयजल सप्लाई करने के लिए टंकी का निर्माण किया था, लेकिन टंकी निर्माण में हुए भ्रष्टाचार के कारण यह टंकी 2 वर्ष में ही अपना दम तोड़ चुकी थी और इसमें से पानी भी लीकेज होने लग गया था। तभी से उक्त टंकी में पानी भरना बंद हो गया है, इस संबंध में कई बार ग्रामवासियों द्वारा जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाकर टंकी की मरम्मत की मांग की, परंतु 6 वर्ष में भी टंकी की मरम्मत नहीं हो सकी। जिस कारण उसमें पानी नहीं भरा पा रहा हैं।
झोलाछाप डॉक्टर के भरोसे पूरा गांव
यहां एक भी स्वास्थ्य केन्द्र नहीं हैं। पांच हजार की आबादी वाला ग्राम झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे ही चल रहा हैं। जबकि शासन की योजनानुसार पांच हजार आबादी वाले ग्राम में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र होना चाहिए, लेकिन इस ग्राम में आज तक स्वास्थ्य केंद्र का नहीं खुल पाना शासन की योजनाओं की भी पोल खोल रहा है।
&बड़ागांव सूखा क्षेत्र हैं, यहां पर पानी की बहुत ज्यादा समस्या हैं। इस गांव के लिए नई कार्य योजना बनाई हैं, जिसकी स्वीकृति हेतु वरिष्ठालय को भेजा गया है। वर्तमान में बड़ागांव में पेयजल हेतु 2 नलकूप प्रस्तावित हैं, जिसमें से 1 हो गया हैं तथा उसमें तीन इंच पानी भी आ चुका हैं। सरपंच द्वारा बोला गया है कि शीघ्र ही इसमें मोटर डाल दी जाएगी।
गरीमा भटनागर,
उपयंत्री, पीएचई
Published on:
04 May 2018 08:01 am

बड़ी खबरें
View Allउज्जैन
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
