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महामंडलेश्वर बोले- महाकाल मंदिर में परिचय देने पर भी मुझे रोका, कहा-किसी अधिकारी से बात कराओ…

उत्तराखंड से आए महामंडलेश्वर ने कहा अन्य 11 ज्योतिर्लिंग में इस तरह की व्यवस्था नहीं, महाकाल मंदिर को उद्योग बना दिया, मैं प्रधानमंत्री और सीएम को पत्र लिखूंगा

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उज्जैन। महाकाल मंदिर में परिचय देने के बावजूद मुझे नंदी हॉल में ही रोक दिया। वहां मौजूद कर्मचारी ने कहा आप किसी अधिकारी से बात कराओ, इसके बाद ही प्रवेश दे पाएंगे। मैंने हंसते हुए कहा मैं तो भोलेबाबा के सिवा किसी को नहीं जानता, तो वह और गुस्सा हो गए।

फिर मैं बिना अंदर प्रवेश किए ही लौट आया। यही कहना चाहूंगा कि इस तरह की व्यवस्था अन्य 11 ज्योतिर्लिंग में नहीं है। यहां तो दर्शन के नाम पर उद्योग खोल दिया है। इस संबंध में मैं प्रधानमंत्री और सीएम को पत्र लिखूंगा।

बडऩगर रोड स्थित निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी महेशानंद गिरि महाराज जो कि उत्तराखंड से एक कार्यक्रम में शामिल होने अल्प प्रवास पर उज्जैन आए हैं। शनिवार को वे महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन उनको मंदिर में नंदी हॉल से आगे गर्भगृह तक नहीं जाने दिया गया। मंदिर की व्यवस्थाओं को कोसते हुए वे बिना गर्भगृह में प्रवेश के लौट गए।

पहले भी आहत हुए हैं संत-महात्मा
मंदिर में दर्शन व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी कई बार संत महात्माओं ने आक्रोश जताया है। उत्तराखंड के संत पंचायती निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी महेशानंद गिरि महाराज को महाकाल मंदिर के गर्भगृह में नहीं जाने दिया।

कई बार आग्रह करने के बाद भी वहां मौजूद कर्मचारियों ने संत को प्रवेश नहीं दिया, तो व्यथित होकर वहां से रवाना हो गए। उन्होंने कहा यह मंदिर देश का सर्वश्रेष्ठ स्थान है। लोग आस्था के साथ दूर-दूर से आते हैं। मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने कहा स्थिति यह है कि सीधे सरल संतों को तो गर्भगृह तक जाने ही नहीं दिया जाता।

समीति तय करे संतों की व्यवस्था
उन्होंने कहा कि यदि दर्शन के नाम पर मंदिर समिति संतों से भी पैसा लेना चाहती है तो स्पष्ट बताएं ताकि इस पर भी विचार करेंगे। स्वामीजी ने कहा कि बड़े दुख की बात है अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने प्रशासन से मिलकर संतों को सहजता से दर्शन व्यवस्था की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। समिति संतों की दर्शन व्यवस्था अलग से तय करें।

जल्द वापस आएंगे, लगाएंगे स्वास्थ्य शिविर
स्वामीजी ने कहा कि वे देशभर में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर संचालित करते हैं। उनके साथ उत्तराखंड सहित अन्य बड़े-बड़े डॉक्टरों की टीम है। असाध्य रोगों का वे इलाज भी करते हैं, जिसका कई लोग लाभ ले चुके हैं। बहुत जल्द वे वापस उज्जैन आएंगे और यहां स्वास्थ्य शिविर भी लगाएंगे। फिलहाल वे 26 अप्रेल तक बडनग़र रोड स्थित निरंजनी अखाड़े में ही ठहरेंगे।