28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राहू की महादशा या तो बीमार होते हैं या बदनाम, ये है बचने के उपाय

राहू काल में भगवान शिव के रौद्र अवतार भगवान भैरव के मंदिर में रविवार को शराब चढ़ाएं और तेल का दीपक जलाएं, इससे ग्रह दशा के दोषों से शांति मिलेगी।

3 min read
Google source verification

image

Lalit Saxena

Dec 02, 2016

astrology, dasha of rahu black til worship of shiv

astrology, dasha of rahu black til worship of shiva

उज्जैन. कहते हैं कि जो बेरी न करे, वह ग्रह करे। ज्योतिषों की मानें तो कहीं न कहीं यह उक्ति सही भी साबित होती है। इसीलिए राहू की महादशा से बच कर रहना है। राहू काल की महादशा लगभग 18 वर्ष की होती है। राहू की अंतर्दशा का काल 2 वर्ष 8 माह और 12 दिन का होता है।

इस अवधि में राहू से प्रभावित लोगों को बीमारी, अपमान और बदनामी का सामना करना पड़ सकता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. अमर डिब्बावाला के अनुसार राहू काल में भगवान शिव के रौद्र अवतार भगवान भैरव के मंदिर में रविवार को शराब चढ़ाएं और तेल का दीपक जलाएं, इससे ग्रह दशा के दोषों से शांति मिलेगी।

राहू काल में क्या करें-क्या न करें...
- राहू काल के दौरान शराब का सेवन कतई न करें। लावारिस शव के दाह-संस्कार के लिए शमशान में लकडिय़ां दान करें। अप्रिय वचनों का प्रयोग न करें।

dasha of rahu black til worship of shiva

- यदि कुंडली में गुरु (बृहस्पति) अशुभ प्रभाव में हो, राहु के साथ या उसकी दृष्टि में हो तो ऐसी स्थिति में ये उपाय करने चाहिए। किसी अपंग छात्र की पढ़ाई या इलाज में सहायता करें। शैक्षणिक संस्था के शौचालयों की सफाई की व्यवस्था कराएं। शिव मंदिर में नित्य झाड़ू लगाएं। पीले रंग के फूलों से शिव पूजन करें।

- राहू में शनि की अंतर्दशा में परिवार में कलह की स्थिति बनती है। तलाक, भाई-बहन और संतान से अनबन, नौकरी में संकट की संभावना रहती है। शरीर में अचानक चोट या दुर्घटना के योग, कुसंगति आदि की संभावना रहती है। साथ ही वात और पित्त जनित रोग भी हो सकता है।



- भगवान शिव की शमी के पत्तों से पूजा और शिव सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए। महामृत्युंजय मंत्र के जप स्वयं, अथवा किसी योग्य विद्वान ब्राह्मण से कराएं। पश्चात् दशांश हवन कराएं, जिसमें जायफल की आहुतियां अवश्य दें। नवचंडी का पूर्ण अनुष्ठान करते हुए पाठ एवं हवन कराएं। काले तिल से शिव का पूजन करें।

dasha of rahu black til worship of shiva

- राहू की महादशा में बुध की अंतर्दशा की अवधि में धन और पुत्र की प्राप्ति के योग बनते हैं। राहू और बुध की मित्रता के कारण मित्रों का सहयोग प्राप्त होता है। साथ ही कार्य कौशल और चतुराई में वृद्धि होती है। व्यापार का विस्तार होता है और मान, सम्मान यश और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

dasha of rahu black til worship of shiva

यह करें उपाय
- भगवान गणेश को शतनाम सहित दूर्वा चढ़ाते रहें।
- भैरवजी के मंदिर में ध्वजा चढ़ाएं। कुत्तों को रोटी, ब्रेड या बिस्कुट खिलाएं।
- शिव मंदिर में नंदी की पूजा करें और वस्त्र आदि दान दें।
- प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव का शुद्ध दूध से अभिषेक करें।

ये भी पढ़ें

image