
महाकाल लोक की 61 दुकानों की नीलामी, कीमत 18.72 से 43 लाख
उज्जैन. महाकाल लोक में 61 दुकानें तैयार हुई हैं। जिन्हें 18.72 लाख रुपए से लेकर 43 लाख रुपए तक नीलाम किया जाना है, इस नीलामी में शामिल होने के लिए कई लोगों ने लाखों रुपए भी जमा किए हैं, लेकिन चूंकि ये मामला हाईकोर्ट में चला गया है, इस कारण दुकानों की नीलाम का परिणाम भी अधर में लटका है, ऐसे में जिन लोगों ने लाखों रुपए फंसा रखे हैं, वे टेंशन में हैं कहीं हाईकोर्ट नीलामी को निरस्त नहीं कर दें। आईये जानते हैं क्या कारण है जिसकी वजह से ये मामला अटका हुआ है।
श्री महाकाल लोक में बनी 61 दुकान व रेस्टोरेंट की नीलामी प्रक्रिया एक महीने बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। इन दुकानों को लेने के लिए करीब 600 से अधिक निविदाएं डाली थी। दुकान विवाद के चलते हाइकोर्ट दुकानों के नीलामी के परिणाम रोकने के आदेश दिए हैं। लिहाजा दुकान लेने के लिए लोगों द्वारा जमा की लाखों रुपए की राशि अटकी हुई है। वहीं अब तक स्थिति साफ नहीं है कि दुकानों की निविदा कब खुलेगी और आवंटन कब होगा।
श्री महाकाल लोक की दुकानों की नीलामी करने के लिए स्मार्ट सिटी ने जनवरी माह में निविदा निकाली थी। सालाना लीज के आधार पर बेची जाने वाली 50 दुकानों का आरक्षित मूल्य 18.72 लाख से लेकर 43 लाख तथा 10 बड़ी दुकानों के समूह के लिए करीब 5.81 करोड़ रखा गया है, वहीं एक रेस्टोरेंट का आरक्षित मूल्य 4.17 करोड़ रुपए रखा गया था। इन सभी के लिए निविदा डालने की अंतिम तारीख 16 जनवरी रखी गई थी। बाद में इसे 15 दिन के बढ़ा दिया गया था। इन दुकानों को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने बोली लगाई थी।
स्मार्ट सिटी कंपनी के पास करीब 600 से अधिक आवेदन फॉर्म जमा हुए। निविदा खुलने से पहले ही विवाद की स्थिति बन गई और मामले में हाइकोर्ट में याचिका लगा दी गई। न्यायालय ने दुकानों की निविदा खोलने पर स्टे दे दिया। इसके चलते दुकान नीलामी की पूरी प्रक्रिया ही रुक गई। स्थिति यह कि एक महीन से अधिक होने आया है लेकिन अब तक साफ नहीं हो पाया है कि दुकानों की विज्ञप्ति कब खोली जाएगी। इधर, दुकानों के लिए आवेदन डालने वाले व्यापारी चिंतित है कि कहीं न्यायालय की ओर से नीलामी को निरस्त करते हुए दोबारा से दुकान आवंटन का आदेश नहीं दे दे। वहीं व्यापारियों का नुकसान इसलिए भी हो रहा है कि अंशपूंजी के रूप में उनकी एक बड़ी राशि अटकी हुई है।
10 दुकानें एक साथ देने पर भी विवाद
श्री महाकाल लोक में सभा मंडपम् की 10 दुकानों का एक ही टेंडर जारी करने पर भी विवाद उठा था। व्यापारियों का कहना था कि अलग-अलग दुकानें है तो इनकी निविदा भी अलग-अगल निकाला जाना थी। स्मार्ट सिटी की ओर से इसे नहीं माना गया और सभी 10 दुकानों का एक ही टेंडर जारी कर आवेदन मांगे गए। बता दें कि त्रिवेणी मंडपम् में 10 दुकानें 90 वर्ग मीटर में होकर इसकी कास्ट 6 करोड़ रुपए रखी गई थी।
जिनकी दुकानें हटाई र्गइं, उन्हें भी नहीं दी
दुकानों की निविदा अटकने के पीछे महाकाल मंदिर के आसपास हटाई गई दुकान है। इन दुकानदारों को प्रशासन ने हटाते समय आश्वासन दिया था कि नई दुकानें बनाई जाएगी, तो इन्हें प्राथमिकता से आवंटित होगी। दुकानों की नीलामी में इन दुकानदारों को दुकानें नहीं दी गई। वहीं अधिकतम बोली पर दुकान आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि 20 दुकानदारों ने दुकान नहीं मिलने पर कोर्ट में याचिका लगाई।
दुकानों के आवेदन के खोलने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जिन्होंने आवेदन दिए हैं, उनके दस्तावेज में कमी थी, उन्हें पूरा करवा लिया गया है। जल्द ही न्यायालय को बताकर दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे।
- आशीष पाठक, सीईओ, स्मार्ट सिटी
Published on:
09 Mar 2023 01:05 pm
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