
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आने-जाने वाले भक्तों को लिए बड़ी राहत की खबर आई है। महाकालेश्वर मंदिर की प्रबंधन समिति ने पिछले साल सावने में लगे बैन को हटा दिया है। अब कार्तिकेय मंडपम व सभा मंडपम की ओर से आने वाले भक्त भगवान को जल अर्पित कर सकेंगे। मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से मंदिर में जल पात्रों की व्यवस्था की गई है।
महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति ने दूर से जल चढ़ाने की व्यवस्था की है। भक्तों को महाकाल मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश बंद है और अंदर जाकर भक्त जल नहीं चढ़ा सकेंगे। हालांकि, मंदिर समिति द्वारा जल चढ़ाने की व्यवस्था दूर से ही की गई है। जल पात्रों में जल चढ़ाने का समय सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। जो कि सीधे बाबा महाकाल तक पहुंचेगा। दर्शन करने गए भक्त भी एक लोटा जल लेकर जा सकेंगे।
वहीं बीते दिनों ही वैशाख व ज्येष्ठ माह में बाबा महाकाल को ठंडक प्रदान करने के लिए मिट्टी के कलश ज्योतिर्लिंग के ऊपर लगाए जाएंगे। इन कलशों को 11 नदियों के नाम पर रखा गया है। इन कलशों से सीधे ठंडे पानी की जलधारा शिवलिंग पर प्रवाहित होगी। इसके साथ ही पात्रों में चढ़ाया गया जल भी बाबा महाकाल तक पहुंचेगा।
Updated on:
27 Apr 2024 02:22 pm
Published on:
27 Apr 2024 02:21 pm
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