
उज्जैन विकास प्राधिकरण में चार साल बाद अध्यक्ष के पद पर भाजपा के पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष श्याम बसंल की ताजपोशी हो गई।
उज्जैन। उज्जैन विकास प्राधिकरण में चार साल बाद अध्यक्ष के पद पर भाजपा के पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष श्याम बसंल की ताजपोशी हो गई। उन्हें अध्यक्ष पद के तीन दावेदारों में एक जगदीश अग्रवाल के उत्तर विधानसभा चुनाव लडऩे की मंशा के चलते नाम वापस लेने और रवि सोलंकी के संगठन लाइन में सेट नहीं होने और इकबाल सिंह गांधी के नाम पर सहमति नहीं बन पाने के कारण जिम्मेदारी सौंपी गई है। खास बात यह कि यूडीए अध्यक्ष बने बसंल की राजनीति ग्रामीण क्षेत्र में रही है लेकिन पहली बार शहरी क्षेत्र में दायित्व सौंपा गया है।
राज्य शासन ने सोमवार को उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष पद भाजपा नेता श्याम बसंल की नियुक्ति के आदेश जारी किए है । इसी के साथ लंबे समय से अध्यक्ष पद की चल रही दौड़ खत्म हो गई। चार दिन पहले पार्टी की कोर समिति की बैठक विक्रम विवि के गेस्ट हाउस में हुई थी। कोर कमेटी की बैठक में अध्यक्ष के नाम को लेकर सहमति बनाई गई। चूंकि अध्यक्ष के लिए भाजपा नेता जगदीश अग्रवाल, मंत्री यादव समर्थक रवि सौलंकी तथा पूर्व नगर अध्यक्ष इकबालसिंह गांधी का नाम प्रमुखता से था। बताया जा रहा है कि भाजपा नेता जगदीश अग्रवाल पूर्व में यूडीए अध्यक्ष रह चुके हैं और उन्होंने बैठक में उत्तर विधानसभा चुनाव पर फोकस रखते हुए इससे हटने की बात कही थी। वहीं मंत्री यादव की ओर से रवि सौलंकी संगठन लाइन में फीट नहीं बैठ रहे थे वहीं इकबालसिंह गांधी पर सभी एकमत नहीं थे। पार्टी सूत्रों की माने तो जगदीश अग्रवाल ने ही श्याम बंसल का नाम आगे किया। चंूकि बसंल विधायक पारस जैन से भी जुड़े और इसके लिए मंत्री यादव ने भी सहमति दे दी। लिहाजा यूडीए अध्यक्ष पद के लिए श्याम बसंल का नाम संगठन को भेजा और उनके नाम की घोषणा कर दी गई। बता दें कि कांग्रेस सरकार बनने पर २२ दिसंबर २०१८ को तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया था । इसके बाद से अब तक अध्यक्ष पद पर राजनीतिक नियुक्ति नहीं हुई। बीते चार सालों से संभागायुक्त बतौर प्रशासक यूडीए का दायित्व संभाल रहे थे।
पार्टी की लूप लाइन में चल रहे थे बसंल
यूडीए अध्यक्ष बने श्याम बंसल लंबे समय से पार्टी की स्थानीय राजनीति में लूप लाइन में चल रहे थे। वे भाजपा ग्रामीण जिला अध्यक्ष पद से पहले ही हट गए थे। वर्तमान में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य तथा संगठन के धार जिला प्रभारी बनाया हुआ था। उनके अध्यक्षीय कार्यकाल कोई खास नहीं रहा। तराना के रहने वाले बसंल के समय पार्टी जनपद चुनाव और विधायक का चुनाव भी हार गई थी। वहीं शहरी राजनीति में उनका कोई खास दखल भी नहीं रहा। ऐसे में उन्हें अचानक अध्यक्ष बनाने पर पार्टी कार्यकर्ताओं में ही चर्चा का विषय बना हुआ है।
व्यावसायिक पृष्ठभूमि, संजीवनी व बसंल स्कूल से जुड़े
यूडीए अध्यक्ष बने श्याम बसंल की व्यावसायिक पृष्ठभूमि रही है। शहर में संचालित संजीवनी अस्पताल व हाल ही में शुरू किए आरके बसंल इंटरनेशनल स्कूल से जुड़े हुए है। वहीं पूर्व यूडीए अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल के पार्टनर भी रहे हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि यूडीए में अब जगदीश अग्रवाल का भी सीधा दखल रहेगाा।
यूडीए में ९वें अशासकीय अध्यक्ष होंगे बंसल
प्राधिकरण में श्याम बसंल ९वें अशासकीय अध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण में अब तक शासकीय व अशासकीय तौर पर ३५ अध्यक्ष की नियुक्ति की जा चुकी है। इसमें वर्ष १९८७ में एनएन पोरवाल पहले अशासकीय अध्यक्ष बने थे। इसके बाद वर्ष १९८९ ेमें राजहुजूरसिंह गौर, वर्ष १९९० में बीएस डोंगरे, वर्ष १९९५ में कैलाश जैन, वर्ष २००१ में राजहुजूरसिंह गौर, वर्ष २००४ में मोहन यादव, वर्ष २०११ में किशोर खंडेलवाल व वर्ष २०१५ में जगदीश अग्रवाल अध्यक्ष बने थे।
अब उपाध्यक्ष के लिए सब की नजर
राज्य शासन ने प्राधिकरण में अध्यक्ष पद पर श्याम बसंल की नियुक्ति की है लेकिन उपाध्यक्ष पद के लिए कोई घोषणा नहीं की है। हालांकि पार्टी की ओर से उपाध्यक्ष के लिए दो नाम पहले से ही संगठन को भेजे जा चुके हैं। ऐसे में उपाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सबकी नजर है। दरअसल इस बार प्राधिकरण उपाध्यक्ष को शासन ने राज्य मंत्री का दर्जा दिया है।
Published on:
19 Apr 2023 11:02 am
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