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अब फल-सब्जी का कचरा करेगा शहर के इस क्षेत्र में ये कमाल

शहर का पहला बायोमेथेनेशन प्लांट तैयार, प्रतिदिन 30 किलो वाट बिजली हो सकेगी पैदा

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उज्जैन. सब्जी मंडियों के कचरे का उपयोग सिर्फ खाद बनाने तक ही सीमित नहीं रहेगा, अब इससे शहर में बिजली भी पैदा होगी। बिजली भी कोई थोड़ी नहीं, बल्कि इतनी कि मक्सीरोड की सब्जी मंडी को रोशन कर दे। इसके लिए प्लांट बनकर तैयार हो चुका है और अब इसे सिर्फ विद्युत उपकेंद्र से जोडऩा शेष है। कुछ दिनों में यह शेष कार्य पूरा हो जाता है तो इस बार दीवापली पर शहर को रोशन करने में सब्जी मंडी का कचरा भी योगदान देगा।

स्मार्ट सिटी अंतर्गत सब्जी, फल आदि के वेस्ट से बिजली पैदा करने वाला बायो मेथेनेशन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। 1.94 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह शहर का पहला ऐसा प्लांट होगा, जो कचरे से बिजली बनाएगा। मक्सीरोड सब्जी मंडी क्षेत्र में प्लांट का निर्माण पूरा हो चुका है और इसे विद्युत कंपनी से जोडऩे के लिए स्मार्ट सिटी व नगर निगम ने विद्युत कंपनी को पत्र भेज दिया है।

7 मंडियों का कचरा होगा उपयोग
5 मीट्रिक टन कचरे की क्षमता के मान से बायोमेथेनेशन प्लांट तैयार किया जा रहा है। शहर की सात सब्जी मंडियों से प्रतिदिन 5 मीट्रिक टन कचरा कलेक्ट कर प्लांट पर लाया जाएगा। इतने कचरे से 320 क्यूबिक मीटर गैस प्रतिदिन जनरेट होगी। इतनी गैस से 30 किलो वॉट बिजली प्रतिदिन पैदा हो सकगी। मसलन महीने में 9 हजार यूनिट बिजली मिल सकेगी। जानकारों के अनुसार यह इतनी मात्रा है कि जिससे पूरे महीने मक्सी रोड सब्जी मंडी को बिजली सप्लाई हो सकती है।

विद्युत कंपनी को देंगे बिजली
प्लांट से पैदा होने वाली बिजली विद्युत वितरण कंपनी को दी जाएगी। बाद में इस बिजली की राशि को नगर निगम के बिजली बिल में कम कर लिया जाएगा या फिर उक्त बिजली से आसपास के क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट चलाने में उपयोग किया जा सकता है।

बिजली के साथ मिलेगी खाद
बिजली के साथ ही सब्जी के कचरे से प्रतिदिन डेढ़ टन (1500 किलो) कम्पोस्ट खाद भी बन सकेगी। इसके उपयोग को लेकर योजना बनाई जा रही है। एक विचार यह भी है कि खाद को सब्जी विक्रेताआं को दे दिया जाए जिसे वह सब्जी के एवज में किसानों को लौटा सकें। ऐसा होने पर योजना से सब्जी विक्रेता व किसानों को सीधा लाभ मिलेगा वहीं खेतों तक कम्पोस्ट खाद भी पहुंच सकेगी। बिजली निर्माण की प्रक्रिया में प्रतिदिन करीब 6 हजार लीटर पानी भी निकलेगा।

शहर में यह नई पहल होगी
शहर के पहले बायोमेथेनेशन प्लांट का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसे जल्द ही विद्युत कंपनी से जुड़वाया जाएगा। शहर में यह नई पहल होगी कि कचरे से बिजली की पैदावर हो।
- मीना जोनवाल, महापौर

बायोमेथेनेशन कनेक्शन के संबंध में पत्र प्राप्त हुआ है। सक्षम स्वीकृति के लिए प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर कनेक्शन कार्य किया जाएगा।
- केतन रायपुरिया, कार्यपालन यंत्री विद्युत वितरण कंपनी

प्रोजेक्ट पर एक नजर
प्रोजेक्ट : वेजिटेबल एंड फ्रूट मार्केट वेस्ट बेस्ड बायोमेथेनेशन प्लांट
लागत : 1.94 करोड़ रुपए
कचरा लगेगा : प्रति दिन 5 मीट्रिक टन
गैस बनेगी : 320 क्यूबिक मीटर प्रतिदिन
बिजली पैदा होगी : ३० किलोवाट प्रतिदिन