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उज्जैन. अब शहर के किसी भी दुकान-भवन पर ब्रांडेड, मल्टी नेशनल ट्रेड मार्का कंपनी या अन्य किसी का प्रचार बोर्ड लगा तो भवन स्वामी को निगम को सालाना शुल्क चुकाना पड़ेगा। गणना मौके की कलेक्टर गाइडलान (रजिस्ट्री मूल्य) के ४ प्रतिशत के मान से होगी।
मेयर इन काउंसिल से मंजूरी
मेयर इन काउंसिल से मंजूरी मिलने पर सोमवार से नगर निगम ने नई विज्ञापन पॉलिसी लागू कर दी है। सभी ५४ वार्डों के व्यापारिक प्रतिष्ठान इसके दायरे में हैं। नियम लागू होते ही आधा दर्जन दुकानदारों ने पंजीयन के लिए निगम में आवेदन भी दिए हैं।
मप्र आउटडोर मीडिया नियम
मप्र आउटडोर मीडिया नियम २०१७ के प्रावधान अंतर्गत अब उन दुकानदारों, व्यापारियों व कारोबारियों को ये शुल्क चुकाना होगा जो अपनी दुकानों के बाहर नामी कंपनी या अन्य किसी के प्रचार बोर्ड लगाते है। अब तक ऐसा करने पर शुल्क का कोई प्रावधान नहीं था लेकिन नई पॉलिसी में इन्हें भी विज्ञापन शुल्क के दायरे में लिया गया है।
ऐसे समझें शुल्क का गणित
अब दुकानों के बाद किसी भी कंपनी विशेष का बोर्ड लगाने निगम से रजिस्ट्रेशन लेकर सालाना शुल्क देना होगा। रजिस्ट्रेशन शुल्क १० हजार रुपए निर्धारित है। बाद में संपत्ति गाइडलान की ४ प्रतिशत राशि निकालकर बोर्ड की साइज के मान से सालाना शुल्क।
जो प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है वहां दुकानदारों को २० से ८० हजार रुपए तक सालाना शुल्क चुकाना पड़ेगा।
जो दुकानदार स्वयं की फर्म का बोर्ड लगाएंगे वे शुल्क के दायरें में नहीं रहेंगे। बशर्ते की इस बोर्ड पर कहीं किसी अन्य कंपनी का उल्लेख ना हों।
एमआईसी से ठहराव मंजूर
एमआईसी से ठहराव मंजूर होने पर नई विज्ञापन पॉलिसी अंतर्गत पंजीयन शुरू कर दिया है। दायरे में आ रहे सभी प्रतिष्ठानों को पंजीयन व सालाना शुल्क जमा करना अनिवार्य है। अन्यथा निगम प्रचार बोर्ड जब्त कर जुर्माने की कार्रवाई करेगा।
- सुबोध जैन, सहायक आयुक्त, राजस्व अन्यकर, नगर निगम
Published on:
20 Dec 2017 12:31 pm
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