ठेकेदार के तर्कों के आगे निगम दबाव में गया, अब अप्रेल तक प्रवेश शुल्क घटाने से मना कर दिया है। राजस्व समिति सदस्यों का कहना है कि बैठक में आयुक्त, उपायुक्त और राजस्व अधिकारी भी मौजूद थी, यदि इस तरह की स्थिति पहले रख दी जाती तो निर्णय नहीं लिया जाता। समिति के फैसले की पालना नहीं होने से जनता में गलत संदेश जा रहा है।